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नगरीय निकायों के कर्मचारी हड़ताल पर रहे, पांच निकायों की 45 हजार आबादी को नहीं मिला पानी

Dainik Bhaskar

Jan 31, 2018, 09:10 PM IST

Bacheli News - जिले के नगरीय निकायों के कुल 262 दैनिक वेतनभोगी व प्लेसमेंट कर्मी मंगलवार को एक दिनी हड़ताल पर रहे। इनमें नगर पालिका...

नगरीय निकायों के कर्मचारी हड़ताल पर रहे, पांच निकायों की 45 हजार आबादी को नहीं मिला पानी
जिले के नगरीय निकायों के कुल 262 दैनिक वेतनभोगी व प्लेसमेंट कर्मी मंगलवार को एक दिनी हड़ताल पर रहे। इनमें नगर पालिका बचेली के 60, नगर पंचायत गीदम के 43, नगर पालिका किरंदुल के 60, नगर पंचायत बारसूर के 27 नगर पालिका दंतेवाड़ा के 72 समेत कुल 262 अस्थायी प्लेसमेंट कर्मी शामिल थे। हड़ताल के चलते दंतेवाड़ा, बारसूर, गीदम, किरंदुल व बचेली के नगरीय निकाय में पेयजल व सफाई व्यवस्था चरमरा गई। इससे पांचों निकाय की कुल 45000 की आबादी को सुबह से शाम तक नलों से पानी नहीं मिल पाया। प्लेसमेंट से नियुक्त होकर गाड़ी चलाने वाले ड्राइवरों के काम पर नहीं आने से टैंकरों से भी पानी की सप्लाई नहीं हो सकी। सभी जगह सफाई कर्मियों ने सुबह अपना काम बंद रखा। साथ ही काउंटरों पर टैक्स व अन्य शुल्क जमा करने का काम दिन भर प्रभावित रहा। प्रमाणपत्र जारी करने व अन्य कामकाज भी बुरी तरह प्रभावित हुए।

जिला मुख्यालय के आंवराभाटा में इकट्ठा होकर कर्मचारियों ने धरना दिया और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन प्रशासन को सौंपा। नगरीय निकाय दैनिक वेतनभोगी प्लेसमेंट कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष शिवशंकर श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में कहा कि काम के निर्धारित घंटों के अलावा भी कर्मचारी नगरीय निकायों में पूरी लगन से काम कर रहे हैं, लेकिन उन्हें ठेका श्रमिक या प्लेसमेंट कर्मचारी का नाम देकर नियमितीकरण नहीं किया जा रहा है। सरकार दोहरा मापदंड अपना रही है। ऐसे सभी कर्मचारियों का नियमितीकरण कर उन्हें सातवें वेतनमान का लाभ देना चाहिए। संघ की मांगें पूरी नहीं हुई तो भविष्य में अनिश्चितकालीन आंदोलन जैसा कड़ा कदम उठाया जाएगा। धरना स्थल पर पांचों नगरीय निकाय के अध्यक्ष कौशर अली दंतेवाड़ा, कंचन लाल बड़े बचेली, चंद्रभूषण सिन्हा किरंदुल, देवीशंकर सैनी गीदम, संदीप पुजारी बारसूर व अन्य पदाधिकारियों ने भी संबोधित किया।

दंतेवाड़ा के आंवराभाटा में धरना देते कर्मचारी।

ये हैं कर्मचारियों की मांगें

हड़ताली कर्मचारियों की 4 सूत्रीय मांगों में वर्ष 1998 से लेकर 2016 तक निकायों में कार्यरत दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को नियमित करने, प्लेसमेंट एजेंसियों से कर्मचारियों की नियुक्ति का काम वापस लेकर विभाग को सौंपने, समान कार्य-समान वेतन लागू करने, मध्यप्रदेश की तर्ज पर वर्ष 2016 तक कार्यरत कर्मचारियों का नियमितीकरण करने की मांग शामिल हैं।

दैनिक वेतन भाेगी गए हड़ताल में शामिल होने, पानी सप्लाई और सफाई पर पड़ा असर

भास्कर न्यूज | किरंदुल

पंाच सूत्रीय मांगों को लेकर 58 दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के हड़ताल में शामिल होने दंतेवाड़ा चले जाने से शहर के अधिकतर वार्डों में पानी की सप्लाई प्रभावित रही वहीं शहर की सफाई भी नहीं हो पाई। लोग जहां पानी कि किल्लत से निजात पाने के लिए हैंडपंप पर लाइन में खड़े हो नंबर आने का इंतजार करते रहे ।

पानी लेने के लिए कतार में खड़ी कुंती कुंजाम, पद्म यादव, रीता, जमबाई ने कहा कि नगर पालिका के अधिकारियों ने पानी की किल्लत दूर करने कर्मचारियों को काम पर लगाया है लेकिन इसका फायदा कुछ वार्डों के लोगों को हुआ। महिलाओं ने बताया कि हड़ताल से सबसे अधिक परेशानी नेपाली पारा मंे रहने वाले 40 परिवारों उठानी पड़ी। लोग सुबह से लेकर शाम तक हैंडपंप तक पहुंचते रहे। इसके अलावा भीमराव अंबेडकर और सुभाषचंद्र बोस वार्ड में सफाई नहीं होने से जगह-जगह कचरा फैला रहा। शहर की सफाई में लगी 10 गाड़ियां नगरपालिका कार्यालय में खड़ी रहीं।

इधर दूसरी ओर जब शहर में साफ- सफाई और पेयजल आपूर्ति को लेकर अशोक कुमार जैन ने कहा दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों की हड़ताल के कारण नगर में होने वाली दैनिक रोजमर्रा की काम-काज प्रभावित हुए हैं। नियमित 35 कर्मचारियों के भरोसे व्यवस्था को दुरूस्त करने की कोशिश की गई।

किरंदुल. नगर पालिका परिसर में खड़ी रही कचरा गाड़ियां।

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नगरीय निकायों के कर्मचारी हड़ताल पर रहे, पांच निकायों की 45 हजार आबादी को नहीं मिला पानी
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