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ग्रामीणों ने की कोंगनी पुल को 6 फीट ऊंचा करने की मांग
कोंगनी पुल को ऊंचा करने शासन से 10 साल से मांग कर रहे ग्रामीण। शासन विभाग मौन।
भास्कर न्यूज|बालोद
जिलामुख्यालय से लगभग 12 किमी की दूरी पर स्थित बालोद-अर्जुंदा मार्ग पर कोंगनी कुरदी के बीच नाले पर बने पुल की ऊंचाई काफी कम है। इसलिए हर साल बारिश में पुल डूबने आवागमन ठप हो जाता है। क्षेत्र के ग्रामीण पुल को ऊंचा करने की मांग शासन से 10 साल से कर रहे हैं। लेकिन पुल को ऊंचा नए पुल बनाने अफसर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
आलम यह है कि नए पुल नहीं बनने उक्त पुल की ऊंचाई कम होने की वजह से हर साल बारिश के बाद बाढ़ के कारण यह पुल कई दिनों तक जलमग्न रहता है। पुल के ऊपर लगभग 5 फीट तक उस वक्त तक पानी बहता है जब तक नाला का जलस्तर पुल के नीचे नहीं चला जाता। जिससे कुरदी, चौरेल, डुंडि़या, घीना, हड़गहन के अलावा अन्य गांवों का जिला मुख्यालय से सीधा संपर्क टूट जाता है। ग्रामीणों ने बताया कि इस सत्र में भी रुक-रुककर दो माह के भीतर तीन बार बाढ़ आने की वजह से पुल कई दिनों तक जलमग्न रहा। जिससे विभिन्न गांवों के ग्रामीणों को कोंगनी से होकर जिला मुख्यालय आने-जाने के लिए अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ी। यही हाल हर साल बारिश में रहता है। ग्रामीणों ने कहा कि शासन की अनदेखी का नतीजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है।
जिलामुख्यालय आने के लिए सरल सीधा मार्ग : ग्रामीणकोंगनी निवासी डामनलाल साहू, गोपाल साहू नीलेश साहू ने बताया कि चौरेल, कुरदी, बासीन, डुंडेरा अन्य गांव के लोग इसी पुल से पार कर जिला मुख्यालय आते-जाते हैं। बालोद आने के लिए यह मार्ग सबसे सरल सीधा है। लेकिन बरसात के महीना में पुल जलमग्न होने के कारण इन गांवों के ग्रामीणों को वापस डुडि़या से होकर भेंगारी, बोरी, परसदा, पिरीद, कमरौद, सांकरा, घुमका होते हुए जिला मुख्यालय पहुंचना पड़ता है। इस मार्ग पर चलने वाली बसों का भी मार्ग बदल जाता है। कई दिनों तक इस मार्ग पर बसों का चलना ही बंद हो जाता है।
बाढ़ आने पर पुल के 5 फीट ऊपर बहता है पानी
^कई साल से इस पुल को ऊंचा करने की मांग शासन से कर रहे हैं, लेकिन विभाग शासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। इस कारण हर साल बारिश में ग्रामीणों को परेशानी हो रही है। आरतीकौमार्य, सरपंच
चार फीट ऊंचा है पुल
ग्रामीणजानकारों का कहना है कि नए पुल की ऊंचाई कम से कम 6 फीट और बढ़ाने की जरूरत है। क्योंकि वर्तमान में इस पुल की उंचाई न