25 फीसदी परिवार स्मार्ट कार्ड से वंचित
जिलेमें अब तक लक्ष्य के अनुरूप स्मार्ट कार्ड नहीं बन पाया है। राज्य शासन ने योजना अंतर्गत सभी बीपीएल एपीएल परिवारों का स्मार्ट कार्ड बनाने के लिए 3 लाख 26 हजार 34 परिवारों का लक्ष्य दिया गया था। लेकिन जिले में अब तक 2 लाख 53 हजार 684 स्मार्ट कार्ड बन पाए है।
बाकी 72 हजार 350 स्मार्ट कार्ड अब तक नहीं बन पाया है। इस तरह से लक्ष्य अब तक पूरा नहीं हो पाया है। विभागीय जानकारी अनुसार जिले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत एपीएल परिवारों के एक लाख 21 हजार 702 परिवार प्रमुख के नाम से स्मार्ट कार्ड बनाने का लक्ष्य दिया गया था। जिसमें विभाग ने अब तक 85 हजार 389 स्मार्ट कार्ड बनाया है। इसी तरह राष्ट्रीय बीमा योजना के तहत 2 लाख 4 हजार 332 परिवार प्रमुख के नाम से स्मार्ट बनाने का लक्ष्य दिया था। यह भी लक्ष्य पूरा नहीं हुआ है। अब तक एक लाख 68 हजार 295 परिवार के मुखिया के नाम से ही स्मार्ट कार्ड बन पाया है। स्वास्थ्य विभाग ने जुलाई माह में स्मार्ट कार्ड के लिए जिले के सभी पंचायतों में ग्रामीणों से आवेदन मंगाए थे। इसके बाद भी अब तक लक्ष्य पूरा नहीं हो पाया है। कई ग्रामीण जागरूकता के अभाव में इस महत्वाकांक्षी योजना का लाभ नहीं उठा पा रहे है। इन ग्रामीणों को स्मार्ट कार्ड के बारे में जानकारी देने के लिए विभाग भी रूचि नहीं दिखा रहा है। इसके पहले मार्च माह में शहर के सभी वार्डों में स्मार्ट कार्ड बनाने के लिए शिविर लगाए गए थे। शिविर लगाने के बाद भी कई वार्डों में लक्ष्य पूरा नहीं हो पाया था।
सीएमओ एनएल साहू ने बताया कि वर्तमान में स्मार्ट कार्ड बनाने का कार्य बंद है। पूर्व में जारी स्मार्ट कार्ड जनवरी 2015 तक उपयोग में लाया जा सकता है। इसके बाद नया स्मार्ट कार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। जिला अस्पताल के अलावा ब्लाक मुख्यालयों में छूटे हुए परिवारों के लिए दो बार शिविर लगाया गया था। उसके बाद भी ऐसे परिवार जो गांव या नगर छोड़कर अन्य चले गए या शिविर के दौरान उपस्थित नहीं हुए।
इलाज के लिए चिन्हांकित अस्पताल
जिलेके 8 शासकीय एवं 7 प्राइवेट अस्पतालों में स्मार्ट कार्ड योजना के माध्यम से परिवार के सदस्य इलाज करा सकते है। इन अस्पतालों को मरीजों के इलाज के लिए राज्य शासन ने चिन्हांकित किया है। जिले के चिन्हांकित अस्पतालों में बालोद, गुरूर,