इधर खंभों में लगा रहे बल्ब
अधिक िबजली बिल से बढ़ा आक्रोश
अंचलमें बिजली बिल अधिक आने की शिकायतें रही है। बिजली बिल अधिक आने से उपभोक्ताओं में आक्रोश देखा जा रहा है। इसके बावजूद उपभोक्ता बिल पटाने बिजली कार्यालय पहुंच रहे है ताकि कंपनी वाले बिजली ना काट दे। पिछले कई महीनों से बिजली बिल में बढ़ोतरी की शिकायत मिल रही है। इसके बाद भी कंपनी उपभोक्ताओं की शिकायत पर ध्यान नहीं दे रही है। इस माह भी दोगुना-तिगुना बिल उपभोक्ताओं को थमाया गया है। शहर में स्पाट बिलिंग उपभोक्ताओं को थमाया गया है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में कंप्यूटरीकृत बिल दिया गया है।
बिजली कंपनी से मिली जानकारी के अनुसार एक दिन में पचास से अधिक लोग बिजली बिल सुधरवाने पहुंच रहे हैं। सबकी यही शिकायत है कि बिजली बिल ज्यादा रहा है। अधिकारी उन्हें किसी तरह समझा कर वापस भेज रहे हैं। कुछ बिल को सुधार भी रहे हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि कम खपत के बाद भी बिजली बिल अधिक दिया जा रहा है। उपभोक्ता रोमेश कुमार, नीलकंठ, रोमन ने कहा पहले बिल कम आता था लेकिन पिछले पांच महीनों से ज्यादा बिजली बिल रहा है। हर माह बिल में बढ़ोतरी होने से उपभोक्ताओं में काफी आक्रोश है। उपभोक्ताओं ने बताया कि कम खपत के बाद भी बिल अधिक दिया जा रहा है। दो, चार उपभोक्ताओं का बिल बढ़ा हुआ आता तो तकनीकी खराबी मान लेते। लेकिन हर माह कंपनी अनाप-शनाप बिल भेज रही है। उपभोक्ता राकेश कुमार ने बताया कि जुलाई में 150 रुपए बिल आया लेकिन अगस्त में 1100 रुपए का बिल आया है। जबकि खपत उतनी ही हुई है, जितनी हर माह करते है। ऐसे में कंपनी उपभोक्ताओं के साथ खिलवाड़ कर रहा है। स्पाट बिलिंग के बहाने बिजली बिल में बढ़ोतरी की जा रही है। इसके अलावा शहर सहित ग्रामीण क्षेत्र में ठेका पद्धति होने के बाद बिजली बिल की शिकायतें अधिक मिल रही है। कंपनी द्वारा ठेकेदार को मीटर रीडिंग कर बिजली बिल बांटने की जिम्मेदारी देते हैं लेकिन कर्मचारी बिना रीडिंग किए अतिरिक्त राशि बढ़ाकर उपभोक्ताओं को बिल थमा रहे हैं।
^कई उपभोक्ता बिल में त्रुटि बता रहे हैं। वास्तव में बिल में 40 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है। इसलिए बिल अधिक रहा है। फिर भी हम यथासंभव लोगों के बिल को सुधरवा रहे हैं।’’ एचकेयादव, जेई,सीएसईबी बालोद
दल्लीराजहरा. दीपावली को देखते हुए नगर पालिका शहर को दूधिया रोशनी से जगमगाने मुख्य सड़क के बिजली खंभों में खराब जु