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दूधली में किराए के भवन में चल रहा छात्रावास

7 वर्ष पहले
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जिलामुख्यालय से 12 किलोमीटर दूर दुधली (मालीघोरी) में ट्राइबल विभाग का प्री-मैट्रिक छात्रावास जर्जर होने के कारण यहां के बच्चों को मिडिल स्कूल के अतिरिक्त कमरों में शिफ्ट किया गया है। अब तक जर्जर छात्रावास की स्थिति वैसी है। इसके लिए कोई पहल नहीं की गई है। छात्रावास के मरम्मत जीर्णोद्धार नहीं होने से बच्चों के साथ-साथ ग्रामीणों में भी नाराजगी है।

पिछले आठ साल से बच्चे जर्जर छात्रावास में रहते थे। दिनोंदिन छात्रावास भवन जर्जर होता जा रहा था। इसे देखते हुए पंचायत ग्रामीणों की मांग पर विभाग ने स्कूल के अतिरिक्त कमरों को छात्रावास के बच्चों के लिए दिया है। लेकिन जर्जर भवन की हालत अब भी वैसी है। जर्जर भवन की मरम्मत के लिए कोई आगे रहा है और ही नए भवन की स्वीकृति के लिए ध्यान दिया जा रहा है। जर्जर भवन से अतिरिक्त कमरे में बच्चों को शिफ्ट किया गया है लेकिन यहां भी उन्हें परेशानी हो रही है। विद्यार्थियों ने बताया कि शौचालय की व्यवस्था नहीं होने से परेशानी उठानी पड़ती है। इसके अलावा अन्य समस्याएं है।

आश्वासनके बाद भी नहीं हुई पहल : सरपंचगंगाराम ने बताया कि वर्ष 2012 में ही आदिवासी विभाग ने छात्रावास के लिए नए भवन का प्रस्ताव शासन को भेजा था। विभाग ने पंचायत ग्रामीणों को पूरी तरह से आश्वस्त किया था कि एक साल के भीतर नया भवन बन जाएगा। इसके बाद साल बीत गया लेकिन कुछ नहीं हुआ। सालों का सिलसिला बढ़ता जा रहा है लेकिन अब तक जर्जर भवन की सुध लेने वाला नहीं है।

कईबार पूछ चुके है कब बनेगा : ग्रामीणोंने बताया कि इस संबंध में कई बार विभाग के दफ्तर में जाकर पूछ चुके हैं कि कब नया भवन बनेगा। अधिकारी जल्द बनने का आश्वासन देते रहे है लेकिन आश्वासन पर अब तक अमल नहीं हो पाया। ग्रामीणों ने बताया कि कुछ वर्ष पहले डाैंडीलोहारा ब्लाक के कुछ गांवों में छात्रावास बनने की स्वीकृति मिली थी लेकिन सूची में दुधली छात्रावास नहीं था। ऐसे में छात्रावास के बच्चें उसी जर्जर भवन में कई साल तक रहे। इसके बाद भी ग्रामीणों की मांग अब तक जारी है। ग्रामीणों का कहना है कि छात्रावास के बच्चों को गनीमत गांव में मिडिल स्कूल के अतिरिक्त कमरे का सहारा मिल गया। अतिरिक्त कमरा नहीं होता तो आज छात्रावास बंद होने की कगार पर होता।

अतिरिक्तकमरों में गढ़ रहे है भविष्य : छात्रावासके बच्चों के लिए खुद का भवन नहीं होने से उ