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सरपंचों को 268 रु. का सीमेंट 350 में ही पड़ेगा खरीदना

7 वर्ष पहले
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छत्तीसगढ़के ग्राम पंचायतों के लिए सरकार ने बिल्डिंग मटेरियल के लिए जिलेवार जो रेट तय किया है उसी रेट पर सरपंचों को निर्माण कार्य के लिए सामग्री खरीदनी ही पड़ेगी।

जाहिर है कि सरकार ने जो रेट टेंडर से बुलाय और उसे एप्रूव्ड किया है, वह रेट बाजार से काफी अधिक है। बालोद जिले के लिए तीन सप्लायरों का पोर्टलैंड सीमेंट रेट 324, 345 350 एप्रूव्ड किया गया है, जबकि बाजार में सीमेंट का वर्तमान रेट 268 रुपए प्रति बोरी है अर्थात ग्राम पंचायतों को प्रति बोरा के हिसाब से औसतन 70 से 72 रुपए अधिक पेमेंट करना होगा।

इसी तरह बिल्डिंग मटेरियल के 25 सामान का रेट भी तय कर दिया गया है। सभी सामान के रेट बाजार मूल्य से करीब 25 से 50 फीसदी अधिक है। सरकार ने पूरे छत्तीसगढ़ में जिला स्तरीय (सामग्री माल क्रय ) समिति के माध्यम से टेंडर आमंत्रित कर एक साल के लिए रेट निर्धारित कर लिया है।

सरकारीरेट है मजबूरी में खरीदना पड़ेगा सामान

जिलासरपंच संघ के डेविड बारले का कहना है कि बिल्डिंग मटेरियल का रेट चूंकि सरकार ने तय किया है इसीलिए इसी रेट पर सामान खरीदना सरपंचों की मजबूरी है।

संघ अध्यक्ष का कहना है कि सरकार का रेट बाजार के वर्तमान मूल्य से काफी अधिक है, व्यवहारिक रूप से गलत होने के बाद भी मजबूरी में सरपंचों को खरीदना पड़ेगा। इससे निर्माण की लागत तो बढ़ेगी ही पर क्या किया जा सकता है। यहां पर ऑफ रिकार्ड यह है कि सरपंचों की जो ऊपरी कमाई हो सकती थी वह नहीं होगी? सरपंच दबी जुबान में कहने लगे कि सप्लायर ऊपर की व्यवस्था करें तो खरीदी आसानी से हो जाएगी?

{ बिल्डिंग मटेरियल का रेट बाजार से काफी अधिक है। {{ हां.. पर जो टेंडर में रेट आया है उसमें बार्गेनिंग कर रेट तय किया गया।

{ फिर भी बाजार से अधिक रेट है। {{ इसमें कुछ नहीं किया जा सकता।

{ बाजार का रेट देखकर रेट तय करना चाहिए था? {{समिति के कलेक्टर पदेन अध्यक्ष हैं, सात और सदस्य हैं सबने मिलकर रेट तय किया है।

{ ऐसा तो सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ? {{सरकार ने राजपत्र में टेंडर बुलाना प्रकाशित किया है जाहिर है यह पूरे राज्य में लागू होगा।

{ क्या सरपंचों को इसी रेट पर सामग्री खरीदनी पड़ेगी। {{ हां.. क्योंकि यह खरीदी एक नंबर पर होगी,बिल भी एक नंबर का होगा तथा पेमेंट एकाउंट पे चेक से करना होगा।

{ सरकार ने ऐसा क्यों किया, बाजार में रेट कम