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दिनभर छाए रहे बादल, नहीं पड़ रही ठंड

7 वर्ष पहले
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शुक्रवारको भी दिनभर बादल छाए रहे। मौसम एक बार फिर करवट बदलता दिख रहा है। पिछले दो दिनों से सुबह कोहरा छा रहा है। वहीं दिनभर बादल छाए रहे। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दो दिनों में ठंड कम हो सकती है। बादल छाए रहने की वजह से ठंड नहीं बढ़ पा रहा है। दो, तीन दिनों तक ऐसा ही मौसम होने की उम्मीद की जा रही है। इसलिए तापमान में भी बढ़ोत्तरी नहीं होगी। मौसम के अजीब परिवर्तन से सभी परेशान हो रहे हंै।

शुक्रवार को जिले का अधिकतम तापमान 26 डिग्री दर्ज किया गया। आमतौर पर ठंड के दिनों में तापमान इससे कम होता है। जानकारों के अनुसार इस परिस्थिति में ठंड बढ़ने के आसार काफी कम हो गए है। वहीं बादलों के छाए रहने से भी ठंड नहीं पड़ रही है। कुछ दिनों तक इसी तरह का मौसम होने की खबर से लोगांे को चिंता सता रही है।

साफ-सफाईपर ध्यान देकर बचा जा सकता है बीमारियों से : डाक्टरोंके अनुसार साफ-सफाई का ध्यान रखने से मौसमी बीमारियों से बचा जा सकता है। डा. प्रदीप जैन ने कहा कि बदलते मौसम में जरा सी लापरवाही परेशानी का सबब बन सकती है। इससे सुरक्षित रहने के लिए साफ-सफाई जरूरी है। घर के सभी वस्तुओं की साफ-सफाई की ओर ध्यान रखने की आवश्यकता है। दूध में बैक्टीरिया होने की संभावना ज्यादा रहती है। इसलिए दूध का उपयोग उबालकर करें। नाली में जमा पानी से मच्छर मक्खी पैदा होते है। इससे बचने के लिए साफ-सफाई जरूरी है। डा. जय सिंग साहू का कहना है कि लोगों को घर और आसपास के क्षेत्र में बरसात के समय साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए। डा. राहुल अग्रवाल, एवी महिश्वर का कहना है कि बीमारियों के लक्षण होने पर तुरंत डाक्टरों से संपर्क करें। डाक्टरों के अनुसार मौसम में हो रहे उतार-चढ़ाव की वजह से मरीजों की संख्या बढ़ी है।

रोजाना मौसमी बीमारी के मरीज अस्पताल पहुंच रहे है। सभी अस्पतालों में अधिकांश मरीज बुखार, दस्त, पेचिस के चलते भर्ती है। इसके अलावा मौसम में हुए बदलाव की वजह से इन दिनों शहर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में डायरिया, मलेरिया, उल्टी-दस्त, बुखार एवं अन्य मौसमी बीमारियों की शिकायत मिल रही है। छोटे दुधमुंहे बच्चे, युवा, वृद्ध सभी बीमारी की चपेट में रहे है। जिनका इलाज विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है।

मौसमी बीमारी के मरीज बढ़े

मौसम में हो रहे उतार-चढ़ाव की वजह से मरीजों की संख्या भी अस्पतालों में बढ़ने लगी ह