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तालाबों में गंदगी होने से परेशानी सफाई की मांग कर रहे लोग
तालाबोंकी सफाई की ओर अब तक कोई पहल नहीं हो पाई है। शहर के ऐतिहासिक गंगासागर तालाब सहित अन्य तालाब देखरेख के अभाव बढ़ती गंदगी के कारण अपना अस्तित्व खोते जा रहे हैं।
कभी इन तालाबों का पानी शुद्ध होने के कारण लोग निस्तारी के साथ-साथ पीने के लिए भी उपयोग करते थे। लेकिन अब इन तालाबों में बढ़ती गंदगी के कारण यहां का पानी पीना तो दूर निस्तारी करने के लिए भी सोचना पड़ रहा है। गंदगी का आलम यह है कि तालाबों में नहाने से खुजली हो रही है। वार्डवासियों में जागरूकता का अभाव भी गंदगी की मुख्य वजह है। कुछ तालाबों में गहरीकरण नहीं होने से तालाब की जलभराव क्षमता भी कम होने लगी है। कुछ दिनों बाद गर्मी का मौसम जाएगा। ऐसे में तालाबों में पानी की कमी होने से वार्डवासियों को निस्तारी समस्या से जूझना पड़ेगा। नपा प्रशासन चार दिन से शहर की सड़कों सार्वजनिक जगहों की सफाई में जुटी हुई है। ऐसे में वार्डवासियों में उम्मीद जगी है कि अब तालाबों की सफाई होगी। वार्डवासियों ने मांग की है कि तालाब की सफाई जल्द की जाए। ताकि गर्मी के दिनों में परेशानियों हो।
शहरके अन्य तालाबों में भी स्थिति बदहाल : इनऐतिहासिक तालाबों के अलावा शहर के कांशीबन, दशहरा, गदही, मसुरिया, जवाहर पारा, पाररास, कुंदरूपारा में स्थित तालाबों में गंदगी का आलम है। यहां के घाट में काफी गंदगी फैली हुई है। जिसकी सफाई नियमित सफाई नहीं हो रही है। शराबियों का भी जमावड़ा अंधेरे में लगा रहता है। वार्डवासियों ने सफाई की मांग की है।
लगातार बढ़ रही है गंदगी
गंगासागरतालाब में घाट में पॉलीथिन अपशिष्ट पदार्थों का ढेर लगा हुआ है। बुजुर्गों के अनुसार कभी इस तालाब का पानी शुद्ध हुआ करता था। लोग इसी तालाब का पानी पीते थे। कुछ साल से देखरेख सफाई के अभाव में तालाब में गंदगी बढ़ती जा रही है। तालाब तट में पॉलीथिन , प्लास्टिक अन्य अपशिष्टों का ढेर होना आम बात है।
तालाब में कचरे का ढेर
शहरके शिकारीपारा में स्थित बरेज तालाब में गंदगी का आलम है। तालाब में पॉलीथिन, कागजों कचरों का ढेर लगा हुआ है। इस वजह से वार्डवासी नहाने से कतराते हैं। तालाब में असामाजिक तत्व शराबखोरी भी करते हैं। वार्डवासियों ने तालाब की सफाई करने की मांग की है।
हरा हो गया लाला तालाब का पानी, उठ रही है बदबू
शहरका प्राचीन लाला तालाब के पानी का रंग गंदगी के कारण हरा हो गया है और पानी से बदबू भी रही है। वार्डवासियों ने बताया कि नगर पालिका प्रशासन ने चुनाव के पहले सफाई करने का आश्वासन दिया था लेकिन चुनाव निपटने के बाद भी सफाई नहीं हो पाई है। इस तालाब की एक साल से सफाई नहीं हुई है। इस तालाब में पांडेपारा और नयापारा के वार्डवासी निस्तारी करते हैं। पूर्व पार्षद कुंवर सिंह साहू, श्यामलाल साहू, माखन, कमलेश्वर ने बताया कि लाला तालाब में रोजाना लोग निस्तारी कार्य करने के लिए आते हैं।
^तालाबों की सफाई कराई जाएगी। जागरूकता के अभाव में वार्डवासी भी तालाबों में गंदगी फैलाते हैं। तालाबों में गंदगी होने पर सफाई अभियान चलाकर साफ-सफाई किया जाता है। जिन तालाबों में गंदगी है, उन तालाबों में जल्द सफाई करवाई जाएगी। लोगों को भी तालाब में स्वच्छता की ओर ध्यान देना चाहिए। तभी तालाब स्वच्छ रहेगा।” केएसकश्यप, सीएमओ, नगर पालिका बालोद
पॉलीथिन अन्य कचरों से गंदा हो गया शिकारी पारा स्थित बरेज तालाब।