पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • छात्रों ने 6 तक निर्माण पूरा नहीं होने पर दी आंदोलन की चेतावनी

छात्रों ने 6 तक निर्माण पूरा नहीं होने पर दी आंदोलन की चेतावनी

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
विभिन्न समस्याओं से जूझ रहे कुसुमकसा स्कूल के बच्चे, जर्जर भवन में बैठकर पढ़ाई करने मजबूर हैं विद्यार्थी, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

भास्करन्यूज|बालोद

ग्रामपंचायत कुसुमकसा में आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा संचालित शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला के विद्यार्थी विभिन्न समस्याओं से जूझ रहे हैं। शासन द्वारा शिक्षा गुणवत्ता को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जाते है लेकिन कुसुमकसा स्कूल के बच्चे आज भी जर्जर भवन में पढ़ाई कर रहे हैं। शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला कुसुमकसा में 700 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। भवन की कमी के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। यहां राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा मिशन के तहत पांच कमरा एवं शौचालय निर्माण किया जाना है। लेकिन अब तक निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ है। इससे स्कूली बच्चे पुराने जर्जर शाला भवन में पढ़ने मजबूर हैं। जनपद सदस्य अनिल सुथार, सरपंच अमाय नागवंशी स्कूली विद्यार्थियों ने मंगलवार को कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर भवन शौचालय निर्माण कार्य को 6 अक्टूबर तक पूर्ण कराकर हस्तांतरण करने की मांग की है। मांग पूरा नहीं होने पर 7 अक्टूबर को स्कूली छात्र-छात्राओं के साथ धरना प्रदर्शन करते हुए चक्काजाम किया जाएगा। जिसकी संपूर्ण जवाबदारी शासन प्रशासन की होगी।

शाला नायक देवेश कुमार, उप शाला नायक अराधना सुथार ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा मिशन के तहत कमरा भवन एवं शौचालय निर्माण की स्वीकृति वर्ष 2011-12 में दी गई थी। भवन एवं शौचालय निर्माण के लिए 27 लाख रुपए स्वीकृत हुआ है। निर्माण तीन साल से किया जा रहा है। लेकिन अब तक निर्माणाधीन भवन के कमरों में ब्लैक बोर्ड का निर्माण नहीं किया गया है। साथ ही शौचालय भी नहीं बनाया गया है। बोर खनन किया गया है लेकिन पाइप लाईन विद्युत की व्यवस्था नहीं है। आधी अधूरी व्यवस्था होने की वजह से मजबूरी में पुराने भवन में ही पढ़ाई कर रहे हैं।

जगह के अभाव में प्रभावित हो रही छात्रों की पढ़ाई

विद्यार्थीकविता, सावित्री, मंगतीन, सरस्वती, फूलबती, नीरजा, नीलम भूआर्य, डाेमेन्द्र कुमार, नरेन्द्र कुमार, रेशम, चेतन, चंद्रभान, बलकरण साहू ने बताया कि जर्जर भवन में पढ़ाई प्रभावित हो रही है। कक्षा तो लग रही है लेकिन जगह के अभाव में पढ़ने, लिखने में परेशानी हो रही है। विद्यार्थियों ने बताया कि पढ़ाई के अलावा प्रायोगिक कार्य में भी परेशानी उठानी पड़ रह