तांदुला जलाशय में मिला सिर पर पत्थर बंधा महिला का शव
मंगलवार सुबह 7 बजे नगर के चक्रधारी ईट भट्टा में पति-प|ी के बीच विवाद हो गया। प|ी रूठ कर चली गई और चार दिन बाद पता चला तांदुला नदी के एक छोर में प|ी ललिता के सिर पर पत्थर बंधा शव मिला। देऊरतराई के ग्रामिणों ने शनिवार सुबह 9 बजे तांदुला डेम के एक छोर में शव को देखा और पुलिस को सूचना दी। मौके पर एसडीओपी भी पहुंचे। लाश देख सभी ने पहचानने से इंकार किया। आस-पास के सरपंच भी शव देखने पहुंचे। मगर नहीं पहचान पाए।
गौरतलब है कि मंगलवार को ताम्रध्वज ने अपनी प|ी के लापता की जानकारी थाने में दी। लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं करवाई। जिसके आधार पर दोपहर 12 बजे ताम्रध्वज को बालोद पुलिस ने थाना लाया। जब ललिता के कान के टाॅप्स देखा तो कहा कि हां ये मेरी प|ी है और लाश देखकर रो पड़ा। तब तक कहानी में नया मोड़ आ गया। डेम में डूबने वाली महिला हिरापुर निवासी ताम्रध्वज साहू की प|ी ललिता निकली। जो गंजपारा चक्रधारी ईटभट्टा में काम करती थी।
पांच दिन पुराना है शव जांच में जुटी पुलिस
पुलिस विभाग की अहम सुराग खोजने वाली डॉग चंदा लाश को सूंघ कर डेम के किनारे-किनारे बीच से घुसने के स्थान तक पहुंची। पुलिस के मुताबित लाश पांच दिन पुराना है। वह भी इस स्थान पर मौत हुई है। जहां पर सुबह-शाम मछुआरे पार कर दूसरे छोर आते जाते रहते हैं। तो किसी ने कैसे नहीं देखा। लाश काफी दूर बह कर आ गई। उसके बाद लोगों ने सूचना दी। एसडीओपी आर. ध्रुव ने बताया कि जांच चल रही है।
शव को जीव-जंतुओं ने पहुंचाया नुकसान
ईट भट्टा से घटना स्थल की दूरी लगभग दो से तीन किमी दूर है। महिला का लाश ओवरफ्लो होने पर जहां से तांदुला छलकते हुए दिखाई देता है। उसी स्थान के बीचों-बीच रास्ते में लगभग 200 मीटर की दूरी पर आदमाबाद व तांदुला डेम के दोनों भाग को जोड़ने के लिए बने नाले से बह कर देऊरतराई की ओर आ गया। लाश सड़ चुकी है और पानी के जीव जंतु बूरी तरह से उसे नोच चुके हैं। बहरहाल मामले की जांच की जा रही है।
बालोद। महिला का शव मिलने के बाद मामले की जांच में जुटी पुलिस।