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मुआवजा नहीं मिला, किसानों ने बंद कराया पुल निर्माण

7 वर्ष पहले
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पापरा-परसदा गोरियान नाला पर 60 प्रतिशत हो चुका है पुल का निर्माण, मुआवजा नहीं मिलने के कारण आक्रोशित हैं किसान

भास्करन्यूज|बालोद

पापरा-परसदागोरियान नाला पर छत्तीसगढ़ लोक निर्माण विभाग परिक्षेत्र रायपुर द्वारा पुल का निर्माण किया जा रहा है। निर्माण कार्य 60 प्रतिशत हो गया है लेकिन अब तक किसानों को मुआवजा नहीं दिया गया है। प्रभावित किसान कई बार विभागीय अधिकारी जिला प्रशासन को इस संबंध में अवगत करा चुके हैं। इसके बाद भी अब तक मुआवजा देने की दिशा में कोई पहल नहीं की गई है।

कोई सुनवाई नहीं होने की वजह से किसानों में नाराजगी है। नाराज किसानों ने चल रहे निर्माण कार्य को ही बंद करा दिया है। किसानों का कहना है कि पुल निर्माण लोगों के हित के लिए हो रहा है लेकिन अब तक मुआवजा नहीं दिया गया है। ऐसे में हमें मजबूरी में ऐसा करना पड़ रहा है। प्रभावित किसान एक साल से मुअावजे के लिए भटक रहे हैं। मुआवजा नहीं मिलने से किसानों को आर्थिक मानसिक परेशानी हो रही है।

किसानों ने बताया कि पुल निर्माण की स्वीकृति 28 अगस्त 2012 से दी गई है। स्वीकृति मिलने के बाद किसानों से सलाह सहमति से निर्माण कार्य शुरू किया गया। निर्माण कार्य 10 मार्च 2014 से शुरू हो गया, लेकिन प्रभावित किसान आज भी मुआवजा के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं।

मुआवजा दिलाने प्रयास जारी

^किसानधैर्य रखें। उन्हें रकबा के हिसाब से मुआवजा दे दिया जाएगा। मुआवजा प्रकरण विभागीय प्रक्रिया में है। किसानों को पुराने भूअर्जन अधिनियम के तहत मुआवजा दिया जाएगा। किसानों को जल्द मुआवजा मिले इसके लिए प्रयास जारी है। एमएसओट्टी, एसडीएम,डौंडीलोहारा

मुआवजा मिलने तक काम शुरू होने नहीं देंगे किसान

किसानोंने बताया कि मुआवजे के लिए राजनांदगांव के पीडब्ल्यूडी सेतू निर्माण ईई से मिले थे लेकिन कोई हल नहीं निकाल पाया। इस वजह से उन्होंने निर्माण कार्य को बंद करा दिया है। किसानों का कहना है कि जब तक मुआवजा नहीं मिलेगा, तब तक कार्य आगे नहीं बढ़ेगा। वर्तमान में एप्रोच रोड और दोनों तरफ से मार्गो को जोड़ने का ही काम बचा है।

योजना के क्रियान्वयन पर एक नजर

कार्यका नाम- पापरा-परसदामार्ग गोरियान नाला पर पुल निर्माण

प्रशासकीयस्वीकृति- 2करोड़ 69 लाख 24 हजार रुपए

स्वीकृतितिथि- 28 अगस्त 2012

कार्यआदेश- 11फरवरी 2013

कार्यपूर्ण करने की तिथि- 10मार्च