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बालोद जपं अध्यक्ष पद के लिए बिछने लगी बिसात
जनपदपंचायत बालोद में अध्यक्ष उपाध्यक्ष के लिए राजनैतिक पार्टी भाजपा और कांग्रेस सक्रिय हो गई है। किसी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिल पाया है। इसके बाद भी दोनों पार्टी अध्यक्ष की कुर्सी के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। वहीं ग्रामीण अंचलों में अब तक चुनाव की खुमारी नहीं उतरी है।
अध्यक्ष उपाध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर एक बार फिर ग्रामीण सत्ता की राजनीति गरमाने लगी है। अध्यक्ष पद के लिए जोड़ तोड़ की कोशिश हो रही है। जिला बनने बाद पहली बार जनपद पंचायत अध्यक्ष पद को पाने हर कोई बेताब है। पिछले कार्यकाल में भाजपा के जनपद अध्यक्ष उपाध्यक्ष पद पर रहे, लेकिन इस बार भाजपा की राह आसान नहीं लग रही है। वहीं कांग्रेस को भी अध्यक्ष पद की कुर्सी के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ेगी। चुनाव के बाद भाजपा और कांग्रेस बराबर स्थिति में है। 16 में भाजपा कांग्रेस को 6-6 सीट मिली है। चार निर्दलीय जीते हैं। ऐसे में दोनों पार्टियों को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है। हालांकि निर्दलीय को अपने पक्ष में करने के लिए पार्टी कोई कसर नहीं छोड़ रही है। अध्यक्ष उपाध्यक्ष बनाने में निर्दलीयों की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी।
पंचायत चुनाव के बाद वर्तमान में यह है स्थिति
भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी - जनपदपंचायत क्षेत्र क्रमांक 2 से रश्मि प्रेम साहू, 8 से हेमंत धुर्वे, 9 से सत्या गावड़े, 10 से ममता गजेंद्र, 11 से दयानंद साहू, 12 से बिसंभर
कांग्रेसके अधिकृत प्रत्याशी- जनपदपंचायत क्षेत्र क्रमांक एक से संतोश देशमुख, तीन से टमुना भुआर्य, 5 से देवेन्द्र कुमार साहू, 6 से देवेन्द्र कुमार धृतलहरे, 7 से लता देवी साहू, 15 से संतोषी श्रीवास
निर्दलीय-जनपदपंचायत क्षेत्र क्रमांक 4 से कुलदीप साहू, 13 से पुष्पेंन्द्र तिवारी, 14 से तामेश्वर ठाकुर, 16 से अनिता गावड़े।
टॉस से अध्यक्ष का फैसला
इसकेपहले हुए 2009-10 में जनपद पंचायत चुनाव में अध्यक्ष का फैसला टास से हुआ था। दोनों राजनैतिक पार्टी भाजपा के भान साहू और कांग्रेस के प्यारेलाल केसरिया के पक्ष में 8-8 सदस्यों ने समर्थन दिया था। बराबरी की स्थिति में टास हुआ। टास का फैसला भाजपा के पक्ष में गया और भाजपा के भान साहू अध्यक्ष पद पर काबिज हुए।