टंकी निर्माण के लिए हुआ नाप-जोख
जलआवर्धन योजना के तहत तीन टंकी का निर्माण किया जाना है। इसके लिए मंगलवार को नगर पालिका प्रशासन के जनप्रतनिधियों पीएचई के अधिकारी ने टंकी निर्माण स्थल का निरीक्षण लिया। निरीक्षण के दौरान नाप जोख की गई। कुछ दिन बाद टंकी निर्माण के लिए भूमिपूजन किया जाएगा।
ज्ञात हो कि जल आवर्धन योजना के तहत अब तक शहर में एक भी टंकी का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। इस वजह से नागरिकों को पेयजल समस्या से जूझना पड़ रहा है। इस संबंध में भास्कर लगातार खबरें प्रकाशित कर रही है। 30 जनवरी के अंक में भास्कर ने प्रमुखता से खबर प्रकाशित की। खबर प्रकाशन के बाद विभाग हरकत में आया लेकिन आचार संहिता लगे होने की वजह से विभागीय अधिकारी निर्माण कार्य के लिए आगे की प्रक्रिया को पूरा नहीं कर पा रहे थे।
आचार संहिता हटने के बाद नगर पालिका पीएचई विभाग ने इस ओर पहल की। जय स्तंभ कचहरी चौक में भी पानी टंकी का निर्माण किया जाना है। मंगलवार को पीएचई के एसडीओ एसआर सोनखुसरे, नपाध्यक्ष विकास चोपड़ा पार्षदों ने निर्माण स्थल का जायजा लिया।
शहरकी 26 हजार आबादी दो टंकी के भरोसे
वर्तमानमें शहर की लगभग 26 हजार आबादी को सिर्फ दो पानी टंकी के भरोसे पानी मिल रहा है। एक टंकी की क्षमता एक लाख लीटर तो दूसरी की क्षमता डेढ़ लाख लीटर की है। शहर मे तीन अतिरिक्त पानी टंकी बनाने की योजना साल 2012 से प्रस्तावित है। लेकिन काम शुरू नहीं होने से नागरिकों को पानी के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
^जुर्रीपारा में पानी टंकी निर्माण कार्य शुरू हो गया है। छह माह के अंदर जय स्तंभ चौक, बूढापारा जुर्रीपारा में पानी टंकी बनकर तैयार हो जाएगा। हमारा भी प्रयास रहेगा कि जल्द नागरिकों को पर्याप्त पानी मिल सकें ताकि गर्मी अन्य समय में परेशानी हो।\\\'\\\' एसआरसोनखुसरे, एसडीओ पीएचई
अभी दो टंकियों से हो रही पानी की सप्लाई
योजनाके तहत शहर के अंदर तीन टंकी का निर्माण किया जाना है। तीन टंकी ऐसे चिन्हित स्थानों में बनाया जाएगा। जहां पानी की ज्यादा समस्या रहती है। पर्याप्त पानी के लिए शहर में पांच टंकी की जरूरत है। अभी दो टंकी के अतिरिक्त 17 बोर के जरिए नलों में पानी सप्लाई हो रही है। जब शहर में बिजली बंद होती है। तब बोर से कनेक्टेड वार्डों में नल बंद हो जाता है। ऐसे आपात समय में यदि शहर में पांच टंकी होगी तो लोगों को पानी की समस्या नहीं होगी।
शहर में इन जगहों पर बनना है पानी टंकी
जगह कुल लागत जलभराव क्षमता
जयस्तंभ चौक 32 लाख 74 हजार 3,80,000 किलो लीटर
बूढापारा 29 लाख 45 हजार 3,00000 लीटर
जुर्रीपारा 24 लाख 71 हजार 2,50,000
जल आवर्धन योजना के तहत तीन टंकी निर्माण के लिए स्थल का नाप-जोख करते अफसर जनप्रतिनिधि।
वर्ष 2012 में हुई थी घोषणा
वर्ष2012 में तत्कालीन नगरीय निकाय मंत्री अमर अग्रवाल ने शहर की बहुप्रतीक्षित मांग को ध्यान में रखते हुए वाटर फिल्टर प्लांट बनाए जाने की घोषणा की है। तीन साल बीत जाने के बाद भी लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पाया है। अधिकारियों के निरीक्षण के बाद नागरिकों को लग रहा है कि साल के अंत तक इस योजना का लाभ मिल पाएगा।
इस बार भी गर्मी में होगी परेशानी
कुछदिनों बाद गर्मी की शुरुआत होने वाली है। गर्मी के दिनों में नागरिकों को पेयजल समस्या से गुजरना पड़ता है। गर्मी का अहसास अब होने लगा है। कुछ दिन बाद गर्मी बढ़ने के साथ ही वाटर लेवल भी डाउन होगा। इसके बाद पानी के लिए शहर के नागरिकों को भटकना पड़ेगा, यह स्वाभाविक है, क्योंकि गर्मी के दिनों में पानी की खपत ज्यादा होती है लेकिन नागरिकों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता। भले ही विभागीय अधिकारियों द्वारा टंकी निर्माण के लिए पहल की गई हो लेकिन टंकी निर्माण पूरा होने में अभी समय है।