पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • गांधी भवन की नहीं हो सकी मरम्मत

गांधी भवन की नहीं हो सकी मरम्मत

6 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
शहरके बुधवारी बाजार में स्थित गांधी भवन का जीर्णोद्धार अब तक नहीं हो पाया है। नागरिकों ने भवन का जीर्णोद्धार जल्द करने की मांग की है। टेंडर की प्रक्रिया हो जाने के बाद भी भवन के जीर्णोद्धार की दिशा में कार्य नहीं हो पाया। पहले कहा जा रहा था कि रिटेंडर प्रक्रिया की जाएगी। इसके बाद निर्माण कार्य शुरू होगा। लेकिन अब तक निर्माण कार्य के लिए आगे की प्रक्रिया नहीं हो पाई है।

ज्ञात हो कि दो वर्ष पहले तत्कालीन नगरीय निकाय मंत्री अमर अग्रवाल ने ट्रांसपोर्ट नगर में एक समारोह के दौरान गांधी भवन के जीर्णोद्धार के लिए 50 लाख रुपए की घोषणा की थी। राशि स्वीकृत हो चुका है। लेकिन किसी कारणवश अब तक कार्य शुरू नहीं हो पा रहा। वर्तमान में गांधी भवन खंडहर में तब्दील हो चुका है। देखरेख नहीं होने से भवन का अस्तित्व ही समाप्त होने की कगार पर है। देखरेख का अभाव मरम्मत नहीं होने के कारण गांधी भवन के सभी कमरे जर्जर हो चुके हैं। दिनोंदिन भवन की स्थिति दयनीय होती जा रही है।

निर्माण एजेंसी इसे तोड़कर फिर से नया भवन तैयार करेगी। इस खंडहरनुमा भवन का सही उपयोग जीर्णोद्धार के बाद ही हो पाएगा। यह भवन एक समय में कला का केंद्र बिंदु रहा है। यहां नृत्य नाटक अन्य कार्यक्रम के आयोजन हमेशा होते रहे हैं।

कभी भी गिर सकती है छत, टपकता है पानी

वर्तमानमें गांधी भवन के सभी कमरों में गंदगी का आलम है। इसका उपयोग नहीं होने से सफाई भी नहीं हो रही है। इसी वजह से दिनोंदिन यहां की स्थिति दयनीय होती जा रही है। जर्जर स्थिति होने की वजह से भवन में कोई ठहरना नहीं चाहता। जर्जरता की वजह से कभी भी छत गिरने का डर लोगों में बना हुआ है। बारिश के दिन में तो गांधी भवन का हाल बेहाल हो जाता है, इन दिनों पानी टपकता है। वार्डवासियों को आयोजन के लिए बरसात में परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में यह भवन अनुपयोगी हो गया है।

लोग नहीं कर पा रहे भवन का उपयोग

शादीसीजन के चलते वार्डवासियों को जगह के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है। पहले इसी गांधी भवन का उपयोग किया जाता रहा है। वार्ड में जब शादी होती थी तो मेहमानों को यहीं ठहराया जाता था। शादी के साथ-साथ अन्य सामूहिक कार्यक्रम, घरेलू कार्यक्रम के लिए भी इसका उपयोग होता था। लेकिन अब स्थिति बदल गई है। वार्ड में कुछ समारोह होता है तो बाजार में छोटे जगह में समारोह का आयोजन किया जाता है। कुछ लोगों की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं होने की स्थिति में बड़े भवन की व्यवस्था नहीं कर पाते। आयोजन के लिए जगह ढूंढने में वार्डवासी परेशान हो जाते हैं। ऐसे में भवन का जीर्णोद्धार करने की आवश्यकता है ताकि निर्माण होने के बाद इसका लाभ वार्डवासी ले सके।

^गांधी भवन का कार्य कहां तक पहुंचा था। क्यों यह कार्य नहीं हो पाया इसे देखना पड़ेगा। उसके बाद ही हम आगे कुछ कर पाएंगे। यदि राशि बची होगी तो जरूर इसका निर्माण किया जाएगा। विकासचोपड़ा, अध्यक्ष, नगर पालिका, बालोद

मरम्मत देखरेख के अभाव में जर्जर होता जा रहा है गांधी भवन।