जिले में 40 हजार परिवारों का नहीं बना स्मार्ट कार्ड
स्वास्थ्य विभाग की सर्वे में खुलासा हुआ है कि जिले में 40 हजार परिवार स्मार्ट कार्ड वंचित है। ऐसे परिवार का स्मार्ट कार्ड बनाने के लिए सूची तैयार की गई है। लेकिन अब तक स्मार्ट बनने का काम शुरू नहीं हो पाया है।
जिले में दिसंबर 2015 तक स्वास्थ्य विभाग ने चिह्नांकित सभी हितग्राहियों के स्मार्ट कार्ड बनाने का दावा किया था लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। स्मार्ट कार्ड बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने घर में सर्वे कार्य पूरा कर लिया है। रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजा गया है। विभागीय जानकारी अनुसार जिले के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में अक्टूबर-नवंबर में सर्वे कराया गया है। सर्वे के दौरान 40 हजार लोगों ने आवेदन जमा किया है। आवेदन के आधार पर सूची तैयार कर रायपुर विभागीय कार्यालय व शासन को भेजी गई है।
वहां से नई दिल्ली में छंटनी कर पात्र-अपात्र आवेदकों का मिलान किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार परिवार के कई लोग अलग-अलग लाभान्वित होने के लिए परिवार में एक स्मार्ट कार्ड होने के बाद भी आवेदन जमा कर दिए है। इसका पता लगाया जाएगा। दिल्ली कार्यालय से सहमति के बाद जिले में स्मार्ट कार्ड बनाने का काम शुरू होगा।
अब तक नहीं हुई लक्ष्य की पूर्ति : विभाग स्तर पर हर साल स्मार्ट कार्ड बनाने की कवायद की जाती है। लेकिन विभागीय लेटलतीफी व लोगों में जागरूकता नहीं होने की वजह से लक्ष्य की पूर्ति नहीं हो पाती। जिले में लक्ष्य के अनुरूप स्मार्ट कार्ड नहीं बन पाए है। वर्ष 2012 से अब तक एक लाख 62 हजार 113 स्मार्ट कार्ड बने है। वहीं जिले में 40 हजार परिवार ऐसे है। जो स्मार्ट कार्ड से मिलने वाले लाभ से वंचित है।
विभागीय प्रक्रियाओं की लेटलतीफी का नतीजा
स्वास्थ्य विभाग ने स्मार्ट कार्ड बनाने के लिए कार्ययोजना तैयार कर ली है। स्मार्ट कार्ड बनाने के लिए एजेंसी अधिकृत है। लेकिन विभागीय प्रक्रियाओं में लेटलतीफी की वजह से स्मार्ट कार्ड नहीं बन पा रहा है। वर्ष 2015 में दिसंबर तक सभी परिवारों को स्मार्ट कार्ड बनाकर देने के दावे किए गए थे। लेकिन ऐसा नहीं हो पाया।
मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ नहीं ले सकेंगे लोग
स्मार्ट कार्ड में विभिन्न बीमारियों के लिए 30 हजार रुपए तक की इलाज की सुविधा दी जाती है। लेकिन आपातकालीन स्थिति में पात्र हितग्राहियों को स्मार्ट कार्ड के अभाव में आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। वर्ष 2013-14 में जिले में स्वास्थ्य विभाग को मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत एक लाख 21 हजार स्मार्ट बनाने का लक्ष्य दिया गया था। जिसमें अब तक 90 हजार स्मार्ट कार्ड बन पाया है। वहीं 31 हजार स्मार्ट कार्ड बनना शेष है।
सर्वे रिपोर्ट के आधार पर स्मार्ट कार्ड बनाने का काम जल्द शुरू किया जाएगा। सर्वे सूची रिपोर्ट बनाकर रायपुर भेज दिए है। वहां से दिल्ली भेजा जाएगा। इसके बाद सहमति मिलने के बाद स्मार्ट कार्ड बनाने का काम शुरू होगा।’’ डॉ. एनएल साहू, सीएमएचओ, बालोद