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फसल बीमा का लाभ नहीं, अब रबी के लिए कर्ज ले रहे किसान

5 वर्ष पहले
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जिले के किसानों को अब तक फसल बीमा का लाभ नहीं मिला है। कब तक मिल पाएगा, यह अफसर भी नहीं बता पा रहे हैं। किसानों का कहना है कि हर साल फसल बीमा के तहत प्रीमियम राशि जमा करते हैं, लेकिन फसल नुकसान होने के बाद पैसा नहीं मिलता। सेवा सहकारी केंद्रीय लीड बैंक से मिली जानकारी अनुसार जिले के किसानों से कुल डिमांड राशि एक अरब 60 करोड़ 37 लाख 6 हजार 198 रुपए वसूलना है। अब तक 1 अरब 39 करोड़ 64 लाख 85 हजार 926 रुपए की वसूली हुई है। इससे किसान परेशान हैं। इस बार सूखे से प्रभावित किसान फसल बीमा की आस में है कि कुछ सहायता राशि मिल जाए तो आर्थिक स्थिति में सुधार हो सकें। लेकिन राहत देने के नाम पर अब तक देरी हो रही है।

केंद्र शासन की नई फसल बीमा योजना से मिलने वाली राहत को लेकर किसान अभी तक सशंकित हैं। इस योजना को अब तक लागू योजना से कुछ बेहतर तो माना जा रहा है। लेकिन इससे कब तक राहत मिल पाएगी, यह कहना जल्दबाजी होगा, क्योंकि नुकसान आंकने का तंत्र ही तय नहीं हुआ है। एेसे में यह योजना कंपनियों को फायदा पहुंचाने वाली होकर रह जाएगी।

ढकोसला साबित हो रहा फसल बीमा योजना
किसान कांग्रेस संघ अध्यक्ष चंद्रेश हिरवानी का कहना है कि शासन की योजनाएं अच्छी है, लेकिन यह सिर्फ कागजों में ही सिमटकर रह जाता है। वर्ष 2014-15 की खरीफ फसल के दौरान शासन मौसम आधारित फसल बीमा योजना लागू था। इसके तहत ऋणी किसानों का बीमा प्रीमियम जबरन लेकर बीमा कंपनियों को दे दिया गया। प्रावधान एेसे बने कि हुदहुद तूफान से बड़े नुकसान के बावजूद किसानों को कुछ नहीं मिला। इस साल राष्ट्रीय फसल बीमा योजना चल रही है। लेकिन यह भी ढकोसला साबित हो रहा है। किसानों को कवर कर प्रीमियम की दरें 15 से 57 प्रतिशत तक रखी गईं। आंकलन की तकनीक कंपनियों के हित में ही दिख रही है। किसानों को पर्याप्त बीमा नहीं मिला है।

बैंकों के माध्यम से किसानों से की जा रही वसूली
खरीफ फसल के बाद अब जिले के किसान रबी फसल की तैयारी में जुट गए हैं। इसके लिए किसान बैंकों के माध्यम से लोन ले रहे है। किसान जमील, मोहन साहू, घनश्याम, मिलन यादव, रामप्रसाद, खोमनलाल देशमुख का कहना है कि फसल बीमा का लाभ नहीं मिल पाया है, वैसे भी खरीफ सीजन में धान फसल की उपज कम हुई है। इस वजह से आय कम हुआ। अब रबी फसल के लिए लोन लेने की तैयारी कर रहे है।

किसानों का कहना-हर साल प्रीमियम जमा करते, लेकिन नुकसान पर नहीं मिलती राशि
बीमा कंपनियों के माध्यम से प्रभावित किसानों को फसल बीमा योजना का लाभ दिया जाएगा। अब तक बीमा कंपनी ने किसानों के खाते में राशि ट्रांसफर नहीं किए हैं। ललित हरदेल, शाखा प्रबंधक, केंद्रीय सेवा सहकारी लीड बैंक बालोद

मिलने वाले मुआवजे के आधार का अब तक निर्धारण नहीं
नयापारा के किसान कुंवर सिंह साहू, कमलेश कुमार, खेमलाल साहू, चेतन यादव, तखतराम साहू का कहना है कि नई योजना में नुकसान का आधार तय नहीं हुआ है। बीमा कंपनी अब तक सर्वे नहीं किए है। प्रशासन की रिपोर्ट के आधार पर बीमा राशि का भुगतान किए जाने की खबरें सुनते आ रहे हैं, लेकिन अब तक कोई राहत नहीं मिल पाई है। खराब फसल का किस आधार पर मुआवजा मिलेगा, यह तय नहीं हुआ है।

मुआवजा पाने के लिए किसान बैंक का लगा रहे चक्कर
क्रियान्वयन की नीति अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। जिला स्तर के अधिकारी बीमा कंपनियों के माध्यम से किसानों को फसल बीमा का लाभ मिलने की बात कहकर पल्ला झाड़ रहे हैं। वहीं किसान बैंक का चक्कर लगा रहे हैं। मंगलवार को बालोद ब्लाॅक के प्रभावित किसान एडीबी स्टेट बैंक में फसल बीमा के तहत पैसा निकालने के लिए पहुंचे, लेकिन बैंक अधिकारियों ने जानकारी दी कि अब तक खाते में पैसा नहीं पहुंचा है।

बालोद। क्षेत्र के किसान रबी की फसल लगाने के लिए तैयारी कर रहे है।

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