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स्टॉपेज बनाकर ट्रैफिक दबाव को कम करने की प्लानिंग

7 वर्ष पहले
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शहरमें यातायात व्यवस्था को दुरूस्त करने के लिए पुलिस प्रशासन यातायात प्रशासन ने बसों के लिए अलग स्टापेज में बना रहे है। जुलाई माह में ही यातायात व्यवस्था में सुधार लाने के लिए पुलिस विभाग द्वारा नई पहल की गई थी। लेकिन इसका पालन नहीं हो पा रहा था।

शहर के यातायात को दुरूस्त करने के लिए दैनिक भास्कर लगातार खबरें प्रकाशित कर रही है। खबर प्रकाशन के बाद पुलिस प्रशासन ने शहर में स्थित स्टोपेजों में बदलाव का फैसला किया था। स्टापेज बदलाव के बाद शहरवासियों को लगा कि अब यातायात के दबाव कम होगा और राहगीरों को परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा। लेकिन नियम का पालन नहीं हो पाया। इससे स्थिति पहले जैसी हो गई और यातायात का दबाव बिगड़ता गया। इसे देखते हुए यातायात के संबंध में भास्कर ने 18 सितंबर के अंक में प्रमुखता से खबर प्रकाशित किया।

खबर प्रकाशन के बाद विभाग हरकत में आया और बस संचालकों को निर्धारित स्थान में ही बस खड़ी करने का आदेश दिया। ज्ञात हो कि शहर आसपास जगहों में लगातार दुर्घटनाओं का सिलसिला चल रहा है। बढ़ते यातायात से सभी परेशान है। शहर में यातायात व्यवस्था का हाल बेहाल है। जिला बनने के पहलेे ही शहर में यातायात व्यवस्था बदहाल थी। इसके बाद जिले बनने के बाद तो यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा ही गई है।

यात्रियों को होती है परेशानी

अबभी कई बसें पहले वाले स्थान पर खड़ी हो रही है। पुलिस के जवान तैनात रहते हैं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं करते। बस संचालकों का कहना है कि परमिट समय के आधार पर बसों को खड़ा किया जाता है। ऐसे में अब तक यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खासकर दल्ली चौक के पास महिलाओं को ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है। इस चौक के 100 मीटर के दायरे में देशी अंग्रेजी शराब दुकान संचालित हो रही है। शराबी यहां से शराब का सेवन कर सीधे बस में बैठ जाते हैं। इससे महिलाओं को मानसिक परेशानी होती है। वहीं फौव्वारा चौक में भी यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। इसके अलावा यह दोनों स्थान तिराहा मार्ग होने की वजह से मिनट टू मिनट वाहनों का अावागमन होता रहा है। इस वजह से दिनभर ट्रैफिक जाम का नजारा रहता है। इसी वजह से प्रशासन ने इन स्थानों से स्टापेज को हटाकर अन्यत्र जगह करने का निर्णय लिया है।

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