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दीनदयाल जयंती पर भाजपाइयों ने वृद्धाश्रम में बांटे कंबल

7 वर्ष पहले
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पंडितदीनदयाल उपाध्याय की जयंती गुरुवार को भाजपाइयों ने धूमधाम से मनाई। एकात्म मानववाद के प्रणेता की जयंती को अंत्योदय दिवस के रूप में मनाने के लिए सुबह नौ बजे जिला कार्यालय टावरी धर्मशाला बालोद में विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। उसके बाद वृद्धाश्रम में कम्बल वितरण किया गया।

इस अवसर पर शहर अध्यक्ष राजा दीवान ने कहा की एकात्म मानववाद के मंत्रदृष्टा पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजनीति में भारतीय संस्कृति एवं परंपरा के प्रतिनिधि थे। सादा जीवन उच्च विचार की प्रतिमूर्ति पंडित उपाध्याय के विचारों में देश की मिट्टी की सुवास को अनुभव किया जा सकता है। वह वास्तव में राजनीति में ऋषि परंपरा के मनीषी थे। नपा अध्यक्ष लीला शर्मा ने कहा की पंडित जी भारतीय जनसंघ से अवश्य जुड़े रहे फिर भी दलीय संकीर्णताओं से ऊपर थे।

राजनीति उनके लिए साध्य नहीं समाज सेवा का साधन मात्र था। शहर महामंत्री नीतेश वर्मा ने बताया की पंडित दीन दयाल ने पूंजीवाद, साम्यवाद, मानववाद-अपने समय में प्रचलित सभी वादों का सूक्ष्म अध्ययन किया और इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि ये सभी विचार मात्र भौतिकता के इर्द-गिर्द चक्कर लगाने के चलते अपूर्ण एकांगी हैं जिससे जीवन एवं जगत के सामने खड़े प्रश्नों का समाधान असंभव है। शहर महामंत्री युसुफ खान ने कहा की दीनदयाल उपाध्याय जी कुशल संगठक भी थे।

1951 से 1968 तक भारतीय जनसंघ के कई अध्यक्ष रहे लेकिन अखिल भारतीय महामंत्री के नाते वह पार्टी को वैचारिक दिशा देते रहे। भाजयुमो के जिला मंत्री विनोद जैन ने बताया की उन्होंने शासन द्वारा ऐसी आर्थिक रचना खड़ी करने पर जोर दिया। इस अवसर पर भाजयुमो महामंत्री कमलेश सोनी, भाजपा महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष खिलेश्वरी साहू, राज सोनी, अटल दुबे, अखिलेश तिवारी, लोकेश साहू, विमल साहू, मिलन ठाकुर, मनोहर साहू, यशवंत साहू, प्रदीप कोशरिया, डोमेंद्र साहू, अधिवक्ता एनके कलिहारी, वृद्धाश्रम के संचालक बोदले सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे।

पं. दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर वृद्धाश्रम में कंबल वितरित करते भाजपाई।