जनपद अध्यक्ष उपाध्यक्ष का फैसला आज
शुक्रवारको जनपद पंचायत के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद का चुनाव होगा। इसके लिए प्रशासनिक तैयारी पूरी हो गई है। सुबह 11 बजे पंचायत सभाकक्ष में अध्यक्ष उपाध्यक्ष चुनाव की प्रक्रिया शुरू होगी। पहले अध्यक्ष पद का चुनाव होगा। इसके बाद उपाध्यक्ष पद का चुनाव होगा।
तहसीलदार आलोक श्रीवास्तव के समक्ष चुनाव लड़ने वाले अभ्यर्थी नामांकन आवेदन प्रस्तुत करेंगे। इसके बाद तहसीलदार नामांकन पत्रों की जांच करेंगे। नामांकन पत्रों की जांच के बाद जनपद पंचायत के सदस्य अपने पसंदीदा अध्यक्ष के लिए मतदान करेंगे। इसके बाद उपाध्यक्ष पद का भी चुनाव होगा। एक बजे तक परिणाम भी तहसीलदार द्वारा घोषित किया जाएगा।
दोनोंपार्टियां अध्यक्ष के लिए लगा रही है जोर : अधिसूचनाजारी होने के बाद से जनपद पंचायत बालोद में अध्यक्ष उपाध्यक्ष पद को हासिल करने के लिए राजनैतिक पार्टी भाजपा और कांग्रेस पहले से सक्रिय हो गए है। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के बाद किसी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिल पाया है। इसलिए दोनों पार्टियों किसी को हल्के में नहीं ले रहे है। दोनों पार्टी अध्यक्ष के साथ-साथ उपाध्यक्ष की कुर्सी के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। अध्यक्ष उपाध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर क्षेत्र में गहमागहमी का माहौल है। अध्यक्ष पद के साथ उपाध्यक्ष के लिए भी घमासान मचा हुआ है।
16सदस्य चुनाव करेंगे अपने अध्यक्ष का : जनपदपंचायत में कुल 16 जनपद क्षेत्र आते है। सभी क्षेत्रों में जीत दर्ज करने वाले सदस्य अपने ही बीच में अध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष का चुनाव करेंगे।
निर्दलीय ही तय करेंगे अध्यक्ष उपाध्यक्ष
इसबार चुनाव जीते निर्दलीय पार्षदों की पूछ परख बढ़ गई है, क्योंकि इस बार चार निर्दलीय सदस्य ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाकर अध्यक्ष उपाध्यक्ष चुनाव में अपनी सहभागिता देंगे।
दावेदार अब तक परदे की पीछे
अध्यक्षएवं उपाध्यक्ष पद के लिए अब तक किसी भी पार्टी ने अपने दावेदारों की घोषणा नहीं की है। सभी दावेदार अभी परदे के पीछे है। माना जा रहा है कि नामांकन दाखिल करने के पहले ही दावेदार सामने आएंगे। इस बार जनपद पंचायत में अध्यक्ष पद सामान्य मुक्त के लिए आरक्षित है।
क्रॉस वोटिंग हो इसलिए बैठक हुई
कांग्रेसऔर भाजपा को इस बात का भय सता रहा है कि अध्यक्ष उपाध्यक्ष का चयन सर्वसम्मति से तय नहीं हो पाता है तो क्रास वोटिंग हो।
भाजपा कांग्रेस की नजर अध्यक्ष पद टिकी
पिछलेबार की तरह ही इस बार भी दोनों को बराबर समर्थन मिला है। ऐसे में किसका का पलड़ा भारी होगा, यह देखना दिलचस्प होगा। सभी की निगाहें अध्यक्ष पद पर है।