गांवों में निस्तारी की समस्या करें दूर
बुधवार को ब्लॉक सरपंच संघ की बैठक हुई। जिसमें पंचायतों में काम करते समय होने वाली समस्याओं पर विचार किया गया। सरपंचों ने इस बात पर असंतोष जताया कि कई मांगों एवं समस्याओं से प्रशासन को अवगत कराया। लेकिन उन पर ध्यान नहीं दिया गया।
बैठक में सरपंचों ने मानदेय बढ़ाने व भुगतान तय सीमा में करने की मांग की। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों का मूल्यांकन व भुगतान 15 दिन के अंदर हो। पंचायतों में होने वाले निर्माण कार्यों के लिए रेत परिवहन का आदेश दिया जाए। पंचायतों में प्रशासनिक व राजनैतिक दबाव बंद किया जाए। जिससे विकास कार्य करने में बाधा उत्पन्न न हो। सरपंच संघ की बैठक में यह मांग किया गया कि मनरेगा व स्वच्छ भारत के निर्माण कार्यों पर भुगतान की व्यवस्था पारदर्शी नहीं है। जिसके कारण असुविधा का सामना करना पड़ता है। 14वें वित्त आयोग द्वारा जारी की गई राशि का आहरण आदेश जारी किया जाए। सीसी रोड निर्माण कोर कटिंग का आदेश समाप्त किया जाए। मूलभूत की राशि ग्रामीण विकास के लिए पंचायती राज अधिनियम के तहत कार्य करने की अनुमिति दी जाए।
हमर गांव हमर योजना ग्राम विकास के लिए बनाया गया है। जिसकी समीक्षा स्वतंत्र एवं निष्पक्ष करने की अनुमति दी जाए।
निस्तारी की व्यवस्था की मांग समस्याएं भी बताई: सूखे के चलते गांवों में निस्तारी की समस्या हो रही है। गर्मी बढ़ने के साथ ही यह समस्या और बढ़ेगी। जिसे ध्यान में रखते हुए पेयजल की व्यवस्था की जाए। शिक्षा स्वास्थ्य एवं समाज कल्याण ग्राम विकास में महत्वपूर्ण है जिसके संचालनकर्ता पंचायतों को दी जाए। पंचायतों में सचिवों के खाली पड़े पदों पर भर्ती की जाए।
बालोद। बैठक में मौजूद ब्लॉक के सरपंच।