पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • आईटीआई में शिक्षक कम, सुविधाएं भी नहीं

आईटीआई में शिक्षक कम, सुविधाएं भी नहीं

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
औद्योगिकप्रशिक्षण संस्था (आईटीआई) बालोद के विद्यार्थियों को विभिन्न समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। शिक्षकों की कमी की वजह से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। आईटीआई के कमरों में नियमित साफ-सफाई नहीं होने से गंदगी का आलम है। विधायक भैयाराम सिन्हा ने मंगलवार को दोपहर आईटीआई का निरीक्षण किया।

विद्यार्थियों ने विधायक श्री सिन्हा को बताया कि आईटीआई में कई सुविधाएं नहीं है। इस वजह से उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जिला मुख्यालय में आईटीआई की स्थापना तो हो गई है लेकिन विद्यार्थियों को मूलभूत सुविधाएं देने के लिए कोई पहल नहीं की गई है। अब तक शिक्षकों की कमी बनी हुई है। इसके चलते यहां आने वाले सभी विद्यार्थियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। आईटीआई फंड में पैसा पर्याप्त है। इसके बावजूद शुद्ध पानी के लिए फिल्टर की व्यवस्था नहीं की गई है।

कंप्यूटरकी कमी की वजह से प्रायोगिक कार्य नहीं हो पाता : विधायकको विद्यार्थियों ने बताया की आईटीआई में कमरे तो पर्याप्त है। साथ ही प्रायोगिक कार्य के लिए उपकरण भी है। लेकिन विद्यार्थियों के हिसाब से कम्प्यूटर नहीं होने से प्रायोगिक कार्य के लिए अधिक समय लगता है। विद्यार्थियों ने बताया कि इलेक्ट्रीशियन, मैथ्स और ड्राइंग के शिक्षक नहीं होने से पढ़ाई नहीं हो पाई है। इस वजह से सवाल का जवाब नहीं मालूम। विद्यार्थी भूपेश कुमार, मुकेश सुनहरे, दुष्यंत कुमार, बोधन कुमार, करूणा रंगारे ने बताया कि अध्ययन करने के लिए 20 कम्प्यूटर की जरूरत है। वहीं टूल्स भी नहीं है।

दूरस्थ गांवों से आते हंै विद्यार्थी

बालोदआईटीआई में सभी ट्रेड संचालित होती है। इसलिए दूरस्थ अंचलों से विद्यार्थी यहां पढ़ने आते है। लेकिन पर्याप्त शिक्षक नहीं होने से विद्यार्थियों को समुचित ज्ञान नहीं मिल पा रहा है। जिले के सभी ब्लाक में आईटीआई है लेकिन सभी जगह सभी ट्रेड संचालित नहीं होती है। इस वजह से सभी ब्लाक के विद्यार्थी यहीं आकर प्रशिक्षण लेना चाहते है। 30 से 35 किलोमीटर के दायरे में आने वाले गांव के विद्यार्थी रोजाना अध्ययन करने के लिए यहां पहुंचते है।

सवालों का जवाब नहीं दे पाए बच्चे

विधायकश्री सिन्हा ने जब विद्यार्थियों से ट्रेड हिसाब सवाल पूछा तो अधिकांश विद्यार्थी जवाब नहीं दे पाए। मोटर्स को खोल कर नहीं दिखाया गया है। चपरासी भृत्यों की कमी से उनका काम व