- Hindi News
- देवी दर्शन से पहले पथरीले रास्ते श्रद्धालुओं की ले रहे परीक्षा
देवी दर्शन से पहले पथरीले रास्ते श्रद्धालुओं की ले रहे परीक्षा
क्षेत्रके कई सड़क आज भी बदहाल है। अब तक सड़कों का जीर्णोद्धार नहीं हो पाया है। एक ओर डामरीकृत सड़कों में डामर उखड़ जाने से गड्ढे हो गए है। वहीं दूसरी ओर कई सड़क का डामरीकरण ही नहीं हुआ है।
लिहाजा नवरात्र में श्रद्धालुओं को माता के दरबार जाने के लिए इन्हीं जर्जर सड़कों से गुजरना पड़ रहा है। श्रद्धालुओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद पूरे उत्साह के साथ पद यात्रा पर निकल पड़े है। नवरात्रि पर दर्शन के लिए इन्हीं मार्गो से श्रद्धालु प्रसिद्ध देवी स्थल डोंगरगढ़, गंगा मैया, सियादेही दर्शन के लिए जा कर रहे हैं।
नयापारा-जगन्नाथपुर चौक मार्ग जर्जर
नयापारा बालोद से जगन्नाथपुर मार्ग 12 किलाेमीटर सड़कों की स्थिति अब तक सुधर नहीं पाई है। ग्रामीणों द्वारा कई बार जीर्णोद्धार की मांग की जा चुकी है। इसके बाद भी अब तक इस ओर पहल नहीं हो पाई है। लिहाजा ग्रामीण राहगीरों के साथ देवी दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शुक्रवार को इस मार्ग से बेलमांड के श्रद्धालु पहुंचे। श्रद्धालुओं ने कहा कि हर साल इस मार्ग से होते हुए डोंगरगढ़ जाते है। शार्टकट होने की वजह से इस मार्ग का उपयोग करते है। इन सड़कों की स्थिति अब तक वैसी है। सड़क में कई जगह गड्ढे होने से चलने में परेशानी उठानी पड़ी। वहीं डामर के उखड़ने से गिट्टी में चलना पड़ा। नंगे पैर चलने से श्रद्धालुओं को परेशानी हुई। इसके अलावा इस मार्ग के दायरे में पड़ने वाले गांव पर्रेगुड़ा, बघमरा, मेड़की, ओरमा, भोथली, खरथुली, नेवारीकला, सुंदरा, जगन्नाथपुरा, सांकरा के श्रद्धालुओं को भी देवी दर्शन करने के लिए तकलीफ उठानी पड़ रही है।
निपानी-तमोरामार्ग : ऐसाही हाल निपानी से तमोरा मार्ग का है। इस मार्ग की जर्जरता की वजह से राहगीरों को हर दिन परेशानियों का सामना तो करना पड़ ही रहा है। नवरात्र में इस मार्ग से गुजरने वाले श्रद्धालु भी परेशान है। निपानी से तमोरा कुल तीन किलोमीटर सड़क पर डामर की परत उखड़ जाने के कारण अब सिर्फ गिटिट्यां ही दिख रही है। इस मार्ग का जीर्णोद्धार नहीं होने से लगभग 12 गांव के ग्रामीण श्रद्धालु परेशान है। इस मार्ग से होते हुए श्रद्धालु देवी दर्शन करने के लिए गंगा मैया मंदिर झलमला, सियादेही नारागांव और डोंगरगढ़ पहुंच रहे हैं। नारागांव से बड़भूम मार्ग की जर्जरता की वजह से श्रद्धालुओं को गंगा मैया