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पांच करोड़ ओम नम:शिवाय मंत्रों से होगा शिवाभिषेक
गंजपारास्थित दशौंदी तालाब जलेश्वर महादेव में श्रद्धालुओं द्वारा मंत्रलेखन लगातार जारी है। अब तक श्रद्धालुओं ने 4 करोड़ 28 लाख 63 हजार मंत्रलेखन कर चुके हैं। मंत्र लिखने में श्रद्धालुओं का गजब का उत्साह दिख रहा है।
दिनोंदिन सैकड़ों श्रद्धालु पहुंचकर मंत्रलेखन कर रहे हैं। इसी का परिणाम है कि लक्ष्य से ज्यादा मंत्रलेखन हो चुका है। मंदिर समिति ने मार्च तक चार करोड़ 5 लाख 60 हजार 112 मंत्रलेखन का लक्ष्य तय किया था, जो जनवरी में ही पूरा हो गया है। शिवलिंग परिसर के दशौंदी तालाब से लगे शब्द नहीं अनुभव आध्यात्मिक कक्ष में स्कूली छात्र, छात्राएं, व्यापारी, शासकीय कर्मचारी गृहणियां नियमित आकर अपने निर्धारित कापियों में एक ही मंत्र ओम नम: शिवाय लिख रहे हैं। अनुमान है कि 22 मार्च तक पांच करोड़ से ज्यादा मंत्रलेखन हो जाएगा।
मार्चमें मंत्राभिषेक कार्यक्रम : मार्चमें इन्हीं मंत्रों से शिव जी का मंत्राभिषेक करना तय किया गया है, इसकी भी तैयारी चल रही है। 1 मार्च 2014 को वैदिक विधि विधान के साथ मंत्र संग्रह का महाभिषेक करने के बाद अब मार्च में करोड़ों मंत्र निधि अर्पण करने की तैयारी चल रही है। शुरुआत में मंत्रलेखन का लक्ष्य ज्यादा नहीं था।
इसके बाद श्रद्धालुओं के उत्साह को देखते हुए लक्ष्य में इजाफा किया गया। हर साल लक्ष्य में इजाफा किया जा रहा है। वहीं श्रद्धालुओं के उत्साह के साथ लक्ष्य भी छोटा लगने लगा है। हर बार लक्ष्य से ज्यादा मंत्रलेखन श्रद्धालु करते रहे हैं। मंत्रलेखन में श्रद्धालुओं की संख्या भी बढ़ती जा रही है। जलेश्वर महादेव समिति संरक्षक यज्ञदत्त शर्मा ने कहा कि मंत्रलेखन के साथ ही महाभिषेक की तैयारी भी चल रही है।
सभी शिवभक्त आने वाले महाभिषेक को शहर के साथ ही पूरे प्रदेश स्तर पर ऐतिहासिक बनाने की तैयारी में लगे हैं।
दो कमरों में चल रहा है मंत्रलेखन
समर्पणशिवभक्तों का, संकल्प श्री जलेश्वर महादेव समिति, प्रेरणा प्रभु कृपा एवं प्रयास मां जी फाउंडेशन के बैनर तले दशौंदी तालाब के परिसर में ओम नम: शिवाय मंत्रलेखन की शुरुआत दो साल पहले हुई। मंदिर समिति के प्रमुख संरक्षक यज्ञदत्त शर्मा, विनोद कौशिक, मुरारी चंदन ने बताया कि दिनोंदिन मंत्र लिखने के लिए श्रद्धालुओं में उत्साह है।
महाशिवरात्रि के दिन दूरस्थ अंचलों के लोग यहां आते हैं। सुबह-शाम होने वाले धार्मिक कार्यक्रम में श्रद्धालुओं का सैलाब देखते ही बनता है। कई श्रद्धालु यहां आकर डुबकी लगाते हैं। मान्यता है कि दशौंदी तालाब में नहाने से खुजली, चर्म रोग आदि रोगों से मुक्ति मिलती है। दशौंदी तालाब के सुविधाजनक स्वरूप के बीच में विशालकाय शिवलिंग स्थापित है। जिसके चारों ओर पानी की धारा प्रवाहित हो रही है। जो लोगों के आकर्षित करती है। श्रद्धालुओं का कहना है कि सुबह-शाम मन को शकुन मिलता है।