सड़क पर उड़ती धूल से राहगीर हैं परेशान
नगरके मध्य से गुजरने वाली एनएच 53 इन दिनों बदहाली की भेंट चढ़ गई। सड़क में बड़े-बड़े गड्ढे होने के कारण आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। साथ ही दुपहिया वाहन चालकों को और पैदल सफर करने वाले राहगीरों को उड़ती धूल से परेशानी हो रही है।
निर्माण ठेकेदार द्वारा सड़क की मरम्मत करने के नाम पर खेत की मिट्टी को गड्ढों में डाल दिया जा रहा है जिससे बारिश होने पर सड़क कीचड़ में तब्दील हो जाता है और बारिश होने पर मिट्टी धूल बन कर लोगों के आंखों को खराब करने में लग जाते है। प्रशासन के उदासीनता के चलते राहगीरों और नगरवासियों को बेहद परेशानी हो रही है। दिनों दिन वाहनों कि आवजाही से उड़ते धूल की गुबार से आए दिन दुर्घटनाएं हो रही है। लोग गड्ढेे में गिरकर घायल होकर अस्पताल पहुंच रहे है। साथ ही दुपहिया वाहन धूल के अंबार के कारण और गढ्डे से बचने के कारण आपस में टकराकर दुर्घटना ग्रस्त हो रहे है। हजारों गाड़ियों की आवाजाही से सड़क में धूल उड़ना आम है लेकिन फोरलेन बनाने में मनमानी से वर्तमान स्थिति में बसना धूल शहर में तब्दील हो गया है। धुल से हाेने वाली श्वास संबंधित बीमारी, आंखे में इन्फेक्सन, त्वचा बाल में इन्फेक्शन, दमा के साथ-साथ कई बीमारियों का खतरा बसना नगरवासी और राहगीरों के लिए खतरा बना है। है। नगरीय क्षेत्र में सड़क पर उड़ते धूल के कण वाहन दुर्घटना को आमंत्रित कर रहे है।
यहां सड़कों पर उड़ती धूल की वजह से लोगों को चश्मा, रूमाल, स्कार्फ चेहरे पर बांध कर चलते आसानी देखा जा सकता है।
एनएच पर चौबीस घंटे भारी वाहनों की आवाजाही के चलते धूल उड़ती रहती है।