पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • पांच ब्लाक मुख्यालयों में खुलेंगे व्यवहार न्यायालय

पांच ब्लाक मुख्यालयों में खुलेंगे व्यवहार न्यायालय

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
जगदलपुर|बस्तर जिलेके दरभा, बास्तानार और लोहंडीगुड़ा से जगदलपुर तक न्यायालयीन कार्यों के लिए दौड़ लगाने से मिलेगी मुक्ति, जनहित में खोले जा रहे व्यवहार न्यायालय ब्लाक मुख्यालयों में।

हाईकोर्ट ने बस्तर जिले के सात में से पांच ब्लाकों में व्यवहार न्यायाधीश वर्ग-2 का न्यायालय खोलने की मंजूरी दे दी है। हाईकोर्ट और राज्य शासन के समन्वय से इन स्थानों पर व्यवहार न्यायालय खोलने की प्रक्रिया जल्दी ही शुरू की जाएगी। बस्तर जिले में तोकापाल, बास्तानार, बकावंड, लोहंडीगुड़ा और दरभा ब्लाक मुख्यालय में अब व्यवहार न्यायालय खोले जाएंगे। जिससे इन इलाकों में रहने वालों को न्याय के लिए अब जगदलपुर तक नहीं आना पड़ेगा।

इन न्यायालयों में उनके क्षेत्राधिकार के तहत आने वाले सिविल प्रकरणों की सुनवाई की जाएगी। इसके अलावा उस क्षेत्र के सभी पुलिस थानों से अापराधिक प्रकरण भी इन न्यायालयों में ही जाएंगे। संभावना व्यक्त की जा रही है कि इन ब्लाक मुख्यालयों में अगले 2 अक्टूबर से ये न्यायालय अस्तित्व में जाएंगे।

कुछवकीलों को नुकसान तो कुछ को फायदा : ब्लाकमुख्यालयों में कोर्ट खुल जाने से उन वकीलों को लाभ होगा जो लंबे समय से डिग्री लेकर बैठे हुए हैं, अथवा शहर तक प्रेक्टिस करने आते हैं। इन्हें अब अपने क्षेत्र में ही काम मिल सकता है। जबकि शहर से जाने वाले वकीलों को यहां दिन के अन्य कार्य छोड़ कर वहां तक जाना पड़ेगा, अपनी नुकसानी की भरपाई वे पक्षकार से करेंगे। जिससे पक्षकारों को अनावश्यक तौर पर अधिक फीस देनी पड़ सकती है। इसके अलावा संबंधित मजिस्ट्रेट के लिए भी वही आवास समेत भृत्य, कार्यालय, बाबू और ड्राइवर की व्यवस्था नए सिरे से करनी होगी।

बारएसोसिएशन की बैठक में होगी चर्चा : जिलाअधिवक्ता संघ के अध्यक्ष संतोष मिश्रा और सचिव अरूण दास ने बताया कि सोमवार को दोपहर 12 बजे से नए लाइब्रेरी भवन में संघ की आमसभा रखी गई है। इसमें हाईकोर्ट के खंड पीठ समेत लंबे समय से बंद राजस्व मंडल, अपर आयुक्त का न्यायालय और श्रम पदाधिकारी के न्यायालय के संबंध में चर्चा की जाएगी। राजस्व मंडल की बैठक करीब दो साल से नहीं हो सकी है। यही हाल अपर आयुक्त के कोर्ट का है।

संघ के पदाधिकारियों के अनुसार श्रम पदाधिकारी का न्यायालय यहां है। रायपुर से श्रम पदाधिकारी यहां महीने में सिर्फ तीन दिनों के लिए आते हैं, इस अवधि में सभी मामल