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कोलकाता के जूट बारदानों में भरा जाएगा बस्तर का धान

7 वर्ष पहले
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प्लास्टिक नहीं जूट के बारदानों में होगी इस साल धान की खरीदी। 4800 से अधिक गठानों का होगा उपयोग धान खरीदी में।

भास्करन्यूज | जगदलपुर

दोमहीने बाद जिले में शुरू हाेने वाली धान खरीदी केंद्रों में बारदानों की कमी नहीं हो और धान सुरक्षित रूप से संग्रहित हो इसके लिए मार्कफेड ने कवायद शुरू कर दी है।

कोलकाता से आने वाले इन बारदानों का भंडारण सुरक्षित रूप से हो सके इसके लिए डीएमओ कृषि उपज मंडी के अधिकारियों के साथ ही लैप्स प्रबंधकों समिति संचालकों से चर्चा इसके भंडारण में जुट गए हैं। लेकिन सबसे बड़ी मुसीबत इस साल मार्कफेड को किराए के गोदामों को नहीं लेने के चलते हो रही है। इस साल अभी तक इस दिशा में कोई दिशा निर्देश शासन से नहीं मिले हैं। जिसके चलते अब भी असमंजस बना हुआ है।

9600मिट्रिक टन धान भरा जाएगा 19 लाख बोरे में :

धानखरीदी के लक्ष्य में एक बार फिर से बढ़ोतरी की गई है। जहां पिछले साल यह 9 हजार मीट्रिक टन था वहीं इस साल इसमें छह सौ मिट्रिक टन की बढ़ोतरी की गई है। जिसको लेकर मार्कफेड परेशानी में पड़ गया है जबकि जिला सहकारी बैक के अधिकारी इस लक्ष्य को आसानी से पाने की बात कह रहे हैं। ज्ञात यह कि पिछले साल 37 समितियों के 58 धान खरीदी केंद्रों में 11 लाख क्विंटल से अधिक धान की खरीदी की गई थी। धान के भंडारण में कोई कमी नहीं हो इसको ध्यान में रखते हुए सबसे पहले 4800 गठानों को भिजवाने की व्यवस्था की जा रही है।

सातहजार से अधिक किसान बेचेंगे धान : बिनाब्याज पर मिल रहे कर्ज और समर्थन मूल्य के बढ़ने की संभावना के चलते इस साल जिला सहकारी बैक बस्तर जिले में 7 हजार से अधिक किसानों के धान बेचने की उम्मीद लगा रहा है।

बैक के मुख्य पर्यवेक्षक केएन पांडे ने कहा कि फसल बीमा योजना के तहत ही बस्तर नारायणपुर के 11 हजार 481 किसानों के फसलों का बीमा किया है।

जिसमें बस्तर के किसानों की संख्या 60 फीसदी है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा अन्य बैंकों ने भी किसानों को कई योजनाओं के तहत लाभ पहुंचाया है। जिसके चलते इस साल किसानों की संख्या बढ़ने की बात कही जा रही है।