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5 हजार उपभोक्ताओं ने ही खाते लिंक कराए

7 वर्ष पहले
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जिलेमें 18 दिन बाद डीबीटीएल (डायरेक्ट बेनीफिट ट्रांसफर फॉर एलपीजी कंज्यूमर) योजना लागू हो जाएगी, लेकिन इस योजना को लेकर घरेलू गैस उपभोक्ता अब भी गंभीर नहीं हैं। योजना लागू होने के 12 दिन बाद 75 फीसदी से अधिक उपभोक्ता आधार या बैंक से लिंक नहीं हो सके हैं। कोई बैंक एजेंसी के चक्कर काट रहा है तो कोई अब भी अनदेखी कर रहा है। हर दिन करीब 5-7 घंटे तक उपभोक्ताओं को इस सुविधा से जोड़ने के लिए एजेंसी के साथ ही गोदाम में भी फार्म का वितरण कर रहे हैं। बावजूद इसके उपभोक्ता गैस सिलेंडर लिंक कराने में रुचि नहीं दिखा रहे। जिसके चलते बैंक या आधार लिंक से जोड़ना एजेंसियों के लिए चुनौती बना हुआ है।

जिले में जगदलपुर संभागीय मुख्यालय, तोकापाल बस्तर ब्लाक मुख्यालय के साथ ही यहां 6 गैस एजेंसी संचालित हो रही हैं। इनमें 39 हजार 123 गैस उपभोक्ता जुड़े हैं। करीब दो हफ्ते पहले लागू हुई डीबीटीएल योजना के तहत एजेंसियों को गैस उपभोक्ताओं के आधार या बैंक खाते लिंक करने के निर्देश पेट्रोलियम कंपनियों ने दिए गए थे। एजेंसियों द्वारा उपभोक्ताओं तक यह जानकारी कई माध्यमों के जरिए पहुंचाई गई। सांई एचपी गैस एजेंसी के संचालक मुरली कश्यप ने बताया कि इस एजेंसी से 18 हजार 810 उपभोक्ता जुड़े हैं। जिनमें से अब तक करीब पांच हजार उपभोक्ता लिंक से जुड़ गए हैं। अन्य एजेंसी के कर्मचारियों ने बताया कि करीब तीन हजार उपभोक्ता इस सुविधा से जुड़ पाए हैं।

बाजारमूल्य पर मिलेगा सिलेंडर : कंपनियोंने घरेलू गैस उपभोक्ताओं का 1 जनवरी तक आधार लिंक करने का समय दिया है। अगर उपभोक्ता इस दौरान आधार लिंक नहीं कर पाता तो उसे बाजार मूल्य 913 रुपए में सिलेंडर खरीदना पड़ेगा। जनवरी से मार्च के बीच अगर उपभोक्ता कनेक्शन से आधार लिंक कर देता है तो उसे खरीदे गए गैस सिलेंडर की सब्सिडी अप्रैल से जून के बीच मिल जाएगी।

31 दिसंबर तक जुड़ें लिंक से उपभोक्ता

इंडेनगैस के डिप्टी मैनेजर ईश्वर बारापात्रे ने बताया कि उपभोक्ताओं को डीबीटीएल से जुड़ने के लिए 31 दिसंबर तक समय दिया गया है। जो भी उपभोक्ता इस दौरान लिंक से नहीं जुड़ेगा उसे इसके बाद बाजार रेट पर सिलेंडर मिलेगा। उपभोक्ताओं को समय पर जानकारी देने के साथ ही सभी प्रकार की सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश एजेंसी संचालकों को दिए गए हैं।

इस तरह करा सकते हैं लिंक

>वे उपभोक्ता जिनके पास आधा