स्क्रूटनी पूरी, नियुक्ति पर असमंजस
पिछलेदो सालों में तृतीय चतुर्थ वर्ग की भर्ती को बीयू प्रबंधन ने कागजों पर ही उलझाकर कर रख दिया है। कभी विज्ञापन का हवाला देकर तो कभी सामान्य प्रशासन विभाग से पत्रव्यवहार की बात कहकर भर्ती की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई जा रही है।
}भर्ती को लेकर बीयू में मचा घमासान।
}तृतीय चतुर्थ वर्ग के सौ पदों के लिए नहीं हो पा रही प्रक्रिया पूरी।
}फार्म छंटनी का काम हुआ पूरा पर अभी भी असमंजस बरकरार।
भास्करन्यूज | जगदलपुर
बस्तरयूनिवर्सिटी में तृतीय चतुर्थ वर्ग के करीब सौ पदों के लिए पहुंचे 24 हजार आवेदन पत्रों की स्क्रूटनी लगभग पूरा हो चुका है। इसके बाद आवेदनकर्ताओं को कॉल लेटर भेजने की प्रक्रिया शुरू होती है।
बीयू में बस्तरिया गैर बस्तरिया को नौकरी देने के चक्कर में यह प्रक्रिया थम सी गई है। सौ पदों की भर्ती के लिए घमासान मचा हुआ है।
अलग-अलग कर्मचारी छात्र संगठन भी अब इस प्रक्रिया को पूरा करवाने के लिए लामबंद होने लगे हैं। इधर भर्ती में देरी होने के चलते कुलपति एनडीआर चंद्रा पर भाई-भतीजावाद के आरोप भी लग रहे हैं और अभाविप समेत कई संगठन इसकी जांच करवाने की मांग कर रहे हैं।
इधर फार्म की स्क्रूटनी के लिए रविवि के कुछ कर्मचारियों की सहायता लेने की बात सामने आई है। इन्हीं कर्मचारियों के निर्देशन में यह काम पूरा किया गया है। खबर है कि रविवि के कर्मचारियों को इस काम का कॉफी अनुभव है ऐसे में उनकी मदद ली गई। इधर भर्ती प्रक्रिया में हो रही देरी कब तक इस मामले में कोई ठोस निर्णय लिया जाएगा इस पर कोई खुलकर बोलने को तैयार नहीं है।
सामान्य प्रशासन विभाग से निर्देश मिलने के बाद भी कुलपति एनडीआर चंद्रा भर्ती में स्थानीय युवकों को मौका देने की बात नहीं मान रहे हैं। उनका कहना है कि बीयू राज्य स्तर की संस्था है ऐसे में यहां पूरे प्रदेश के लोगों को रोजगार का मौका मिलना चाहिए।