समितियोंं की याचिका पर डीएमओ को नाेटिस
जगदलपुर| धानखरीदी में किसी प्रकार की गड़बड़ी नहीं करने वाले डेढ़ दर्जन से ज्यादा लैंप्पस को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि दो साल बाद भी नहीं मिल पाई है। जिसके चलते 20 समितियों ने डीएमआे के खिलाफ उपपंजीयक के न्यायालय में मामला दायर कर दिया है। जिसके बाद उपपंजीयक ने डीएमओ के खिलाफ नोटिस जारी कर उन्हें 16 अक्टूबर को पेश होने के लिए आदेश जारी कर दिए हैं। बस्तर जिले के नानगुर, माड़पाल, सिरिसगुड़ा, बकावंड, कचनार, जैतगिरी , जैबेल, कोलावल, मालगांव, सरगीपाल, तोकापाल की समितियों को पिछले दो साल से प्रोत्साहन राशि के रूप में अब कोई भुगतान नहींं मिला है।
बैंक समिति के कई कर्मचारियों ने बताया कि सोसायटी स्तर पर धान खरीदी केंद्र में किसी प्रकार की कमी नही पाई गई थी। मार्कफेड ने धान खरीदी केंद्रों से संग्रहण केंद्र में जो धान आया उसमें कमी पाते हुए परिवहन कर्ता से राशि काटकर समितियों को दे दी लेकिन प्रोत्साहन राशि नहीं देने के लिए हेड आफिस से स्वीकृति नहीं मिलने की बात कहते हुए इसके भुगतान से मना कर दिया। इस साल अब तक इसको लेकर उन्होंने कोई जानकारी समितियों को नहीं दी है। जिसका खामियाजा वे भुगत रहे हैं।
19लाख 90 हजार 934 क्विंटल धान की हुई खरीदी दो साल में : बस्तरजिले के 58 धान खरीदी केंद्रों में पिछले दो सालों में 19 लाख 90 हजार 934 क्विंटल धान की खरीदी 37 समितियों के जरिए हुई। जिसमें वर्ष 2012-13 में 8 लाख 56 हजार 231 क्विंटल और बीते साल 11 लाख 34 हजार 103 क्विंटल धान की खरीदी हुई जो निर्धारित लक्ष्य से सवा दो लाख क्विंटल अधिक था।
डीएमओ ने कहा मिलान चल रहा है अभी
डीएमओएल अार साहू ने कहा कि समितियों को प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय हेड आफिस से लिया जाता है। वर्ष 2012-13 में 20 समितियों में धान का शार्टेज होने के चलते उन्हें प्रोत्साहन राशि नहीं दी गई। इस साल का मिलान अभी होने के चलते इसका निर्णय नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि न्यायालय उपपंजीयक से जो नाेटिस जारी हुआ है वह उचित नहींं है। बगैर कोई जानकारी या बातचीत के केवल शिकायत के आधार पर होने वाला यह निर्णय न्यायसंगत नहीं है। 16 अक्टूबर हो पेश होने के बाद वे अपना पक्ष रखेंगे।
नोटिसजारी कर दिए हैं
उपपंजीयकएलएल बृंझ ने कहा कि 20 समितियों के संचालकों के द्वारा उपपंजीयक न्यायालय में दायर की गई मामले को लेकर पूरी पड़त