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कलेक्टर की सलाह ने बढ़ाई उद्यानिकी विभाग की मुसीबत

6 वर्ष पहले
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काजूप्लांटेशन को लेकर उद्यानिकी विभाग की मुश्किलें कम नहीं हुई थी वहीं अब कलेक्टर द्वारा एक साल में उद्यानिकी रकबे में दो गुना बढ़ोतरी करने की बात ने विभाग को परेशानी में डाल दिया है।

सात से चौदह हेक्टेयर रकबा बढ़ाने के लिए ब्लाक स्तर पर किसानों को जागरूक करने उन्हें विभागीय योजनाओं का लाभ लेने और सब्जी की खेती का दायरा बढा़ने की समझाइश दी जा रही है। इस कवायद का फायदा लेने के लिए किसान अधिकारियों से संपर्क करने लगे हैं।

उपसंचालक उद्यानिकी एनएस तोमर ने बताया कि कलेक्टर के निर्देश पर किसानों को राहत देने के लिए पहले चरण में हर ब्लाक से पांच-पांच पंचायतों का चयन कर किसानों को प्रशिक्षण दिलवाने के साथ ही उन्हें जल्द ही नर्सरियों से उन्नत किस्म के तंदुरूस्त सब्जी के पलहे दिए जाएंगे। वहीं दूसरी फैमिली ड्रिप की योजना को बढ़ाने के लिए किसानों से उनकी जमीन अन्य दस्तावेज जमा करवाए जा रहे हैं। इसके लिए सभी नर्सरी संचालकों ब्लाकों में पदस्थ अधिकारियों को निर्देश दे दिए गए हैं। जिसका फायदा किसानों को कुछ दिनों के बाद मिलने लगेगा।

20हजार किसान ही कर रहे हैं खेती : जिलेमें किसानों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन उद्यानिकी फसलों की खेती करने वाले किसानों की संख्या में कोई खास बढ़ोतरी नहीं हो पाई है। उपसंचालक ने बताया कि जिले में करीब एक लाख किसान हैं।

इनमें से केवल 20 फीसदी ही उद्यानिकी फसलों की खेती कर रहे हैं। इसमें भी सबसे अधिक बस्तर, बकावंड जगदलपुर ब्लाक के किसान हैं। अन्य ब्लाकों में किसान इसमें रुचि नहीं दिखा रहे हैं।

गौरतलब है कि सालों की कोशिश के बाद विभाग अब तक जिले में केवल सात हजार हेक्टेयर में उद्यानिकी फसलों की खेती करवा पाया है। जबकि जिले में खेती दो लाख हेक्टेयर में हो रही है।

सांसद विधायक के गोद गांव में होंगे काम

सब्जीउत्पादन को बढ़ाने के लिए सांसद विधायकों द्वारा गोद लिए गांवों में रहने वाले किसानों को जागरूक किया जा रहा है। इसमें सबसे पहले यहां के किसानों को ड्रिप योजना का लाभ दिया जाएगा। उपसंचालक ने बताया कि अब तक जिले में सांसद दिनेश कश्यप ने चपका विधायकों ने उलनार, उपनपाल मारडूम को आदर्श गांव योजना के तहत चयन किया गया है। जहां किसानों को सब्जी उत्पादन में बढ़ोतरी की जानकारी देकर रकबा बढ़ाया जाएगा।