ब्रह्मचारिणी की पूजा कर किए दर्शन
जगदलपुर. बस्तर दशहरा की जोगी बिठाई रस्म गुरूवार को देर शाम की गई मावली माता से आशीर्वाद ले भगतराम जोगी के रूप मंे साधना पर बैठे। ने नौ दिनों तक निराहार रहते हुए मां दंतेश्वरी की आराधना कर बस्तर की खुशहाली के साथ ही दशहरा के बिना किसी अवरोध के खत्म होने की कामना करेंगे।
पदयात्रियों के लिए 21 सेवा केंद्र
श्रद्धालुओंका दंतेवाड़ा शक्तिपीठ में देवी दर्शन के लिए पदयात्रा जारी है। सैकड़ों श्रद्धालु सुबह से लेकर देर रात तक माता के जयकारे लगाते हुए जल्द से जल्द पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। जिला प्रशासन ने इन पदयात्रियों के लिए 21 पदयात्री सेवा केंद्र बनाए हैं। इनके संचालन की जिम्मेदारी शासन ने क्लबों से लेकर पंचायतों को सौंपी है।
नवरात्र पर्व के दूसरे दिन दंतेश्वरी मंदिर, पंडालों में ब्रह्मचारिणी देवी की पूजा बड़े धूमधाम और विधि विधान से की गई।
भास्करन्यूज | जगदलपुर
दंतेश्वरीऔर अन्य मंदिरों में देवी पूजन के लिए भक्त मंदिरों में पहुंचते रहे। शहर में करीब एक दर्जन स्थानों पर पंडालों में विराजमान देवी प्रतिमा के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की आवाजाही देर शाम तक हो रही है। दंतेश्वरी मंदिर के पुजारी उदयचंद पानिग्रही ने बताया माता भगवती के दूसरे रूप की पूजा करने से भक्तों को सभी तरह के सुख मिलते हैं। उनकी हर कामना पूरी होती है। माता के इस रूप का अर्थ है तपस्या। प्राचीन मान्यता के अनुसार सृष्टि का विस्तार भी ब्रह्मचारिणी देवी ने किया है। जिसके चलते ही नारी शक्ति को मां का दर्जा दिया गया है। पुजारी ने बताया कि पहले दिन की तुलना में आज भक्तों की संख्या काफी कम थी। सुबह से लेकर देर शाम तक भक्त मनोकामना ज्योत के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।