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परचनपाल| बस्तरके ग्रामीण किसानों का भरोसा देशी बीजों पर बना
परचनपाल| बस्तरके ग्रामीण किसानों का भरोसा देशी बीजों पर बना हुआ है। खेतो में बढ़ते खरपतवार कापनी छारा से मुक्ति दिलाने वाला देशी किस्म का धान कारीगिलास,कावा कोरमे,कहे जाने वाले धान का रंग कत्था या मेहरून कलर का पत्ते और पूरे धान के पौंधा का रंग हल्का काला होने से हरा पत्ते वाला धान पौंधा अलग नजर जाता है। निंदाई के समय अनावश्यक खरपतवार नष्ट करने में कारीगिलास नामक धान का रंग किसानों के लिए मददगार बन जाता है। इस धान की उपज कम होने से इसे बहुत कम किसानों द्वारा लगाया जाता है। बीस गांव के अन्तराल में कोई एक किसान इस का लाभ ले रहा है,अन्यथा यह किस्म भी लुप्त होने के कगार पर है। चुड़ी धान,सफरी,बाको,जवाफुल,बाशा भोग,आदि धानों के बीच के सुरक्षा के लिए कृषि विभाग सहित किसान समूहों के लिए पहल आवश्यक है। आज भी पुराने किस्मों के धान अपने खेतो में लगा कर किसान अच्छी पैदावार ले रहे है।
धान की ‘कारीगिलास’ किस्म विलुप्त हो रही