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- केरल से उड़कर छत्तीसगढ़ पहुंच रही हैं िततलियां बस्तर की क्रिमसन रोज अब दुनिया की टॉप 10 में
केरल से उड़कर छत्तीसगढ़ पहुंच रही हैं िततलियां बस्तर की क्रिमसन रोज अब दुनिया की टॉप 10 में
वाइल्ड लाइफप्रोटेक्शन एक्ट 1972 के तहत चेकलिस्ट रिपोर्ट कहती है कि छत्तीसगढ़ में आज की स्थिति में तितलियों की 137 प्रजातियां रिकार्ड हो गई हैं। शोधकर्ताओं कैलाशचंद्र, अंशुमन राहा, अमितवा मजुमदार और राजेंद्र प्रसाद गुप्ता ने दो साल में छत्तीसगढ़ के 10 जिलों में रिसर्च कर 22 नई प्रजातियों की खोज की। शोधकर्ताओं का मानना है कि और रिसर्च हुए तो राज्य में तितलियों का संसार काफी विशाल हो सकता है।
बस्तरमें दुर्लभ प्रजातियां
बस्तरमें छह माह से रिसर्च कर रहे राजेंद्र प्रसाद गुप्ता ने दावा किया कि कुछ ऐसी तितलियां मिली हैं, जो कम जगह नजर आती हैं। जैसे डार्क ब्लू टाइगर बटरफ्लाई देश में उड़ीसा, महाराष्ट्र, अरुणाचल प्रदेश के अलावा बांग्लादेश, मम्यांर, नेपाल और श्रीलंका में मिलती हैं, वह भी कम। रेड स्पॉट तितली भी हाल में ढूंढी गई है। हालांकि यह झारखंड, उड़ीसा, महाराष्ट्र और बंगाल में भी मिलती हैं।
शोधहो रहे 1884 से
छत्तीसगढ़और मध्यप्रदेश को मिलाकर मध्यभारत में तितलियों पर रिसर्च और काम 1884 से लगातार हो रहे हैं। इन दोनों राज्यों में 1932, 1939, 1947 और 1957 में खोज और रिसर्च हुए। यह सिलसिला टूटा नहीं है। पिछले कुछ दशकों की बात करें तो 1977, 1987, 1995, 2000, 2002, 2004 तथा 2006 में भी रिसर्च हुए। छह माह पहले शुरू हुआ शोध अब भी जारी है।
छगमें बढ़ी प्रजातियां
तमामअध्ययन और रिकार्ड कंपाइल करने के बाद यह निष्कर्ष निकाला गया कि छत्तीसगढ़ समेत मध्य भारत में आठ परिवारों की 174 प्रजातियां उपप्रजातियां मौजूद हैं। बाद में यह निर्धारित किया गया कि मध्यप्रदेश में 153 और छत्तीसगढ़ में 115 प्रजातियां हैं। 93 प्रजातियां ऐसी हैं, जो दोनों राज्यों में हैं। ताजा रिसर्च से छत्तीसगढ़ का आंकड़ा बढ़कर 137 हो चुका है।
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कॉमननेम
क्रिम्सनरोज
कहांपाई जाती है
बस्तरके अलावा केरल, श्रीलंका, माम्यार, अंडमान पश्चिम बंगाल और उड़ीसा में पाई जाती है। यह आमतौर पर सूखे सीजन में देखी जाती है। दक्षिण भारत में यह 8 हजार फीट उँंचाई पर उड़ती है। इसकी उड़ान बहुत धीमी रहती है, लेकिन अिधक ऊंचाई पर इसके पंख तेज और बड़े हो जाती है।