304 करोड़ वसूलने में रहा पसीना
^धान खरीदी की मात्रा से कर्ज वसूली में बढ़ोतरी हो रही है। किसानों को बिना ब्याज के दिया गया 304 करोड़ रुपए का कर्ज भी समय पर वसूल लिया जाएगा। अब तक 19 करोड़ रुपए वसूला जा चुका है। समिति खरीदी प्रभारी किसानों को कर्ज पटाने के लिए समझाइश दे रहे हैं, जिसका असर भी वसूली पर पड़ रहा है।।”
डीसीठाकरे, जिलासहकारी केंद्रीय बैंक के सीईओ
24 हजार 606 क्विंटल धान खरीदा
धानखरीदी अब तक 6 जिलों में ही शुरू हो पाई है। बैंक के मुताबिक इस दौरान कुल 24 हजार 606 क्विंटल धान खरीदा गया है। सुकमा जिले में खरीदी प्रभारी बोहनी का इंतजार कर रहे हैं। दूसरी ओर खरीदी केंद्रों में धान जाम होने से बचाने के लिए मार्कफेड और खाद्य विभाग ने मिलर्स से अनुबंध करते हुए धान के उठाव की व्यवस्था की है। मिलर्स ने भी नई कवायद के तहत 6958 क्विंटल धान के उठाव कर लिया गया है। बावजूद इसके अब भी करीब 50 केंद्रों में 17 हजार 648 क्विंटल धान का स्टेक लगा हुआ है। सबसे अधिक 3 हजार 908 क्विंटल धान का उठाव कांकेर जिले में मिलर्स ने किया है। बस्तर जिला इस मामले में 16 धान खरीदी केंद्रों से 2630 क्विंटल धान का उठाव हो चुका है। मिलर्स अग्रिम में चावल और एफडी की राशि जमा कर धान का उठाव कर रहे हैं।
{304 करोड़ रुपए की कर्ज वसूली के लिए सक्रिय हुआ जिला सहकारी बैंक।
{8 दिनों में हुई धान खरीदी में वसूले एक करोड़ 35 लाख रुपए।
{30 जून तक शत प्रतिशत वसूली होने की बात कह रहे बैंक के सीईओ।
भास्करन्यूज | जगदलपुर
किसानोंको बिना ब्याज के दिए गए कर्ज वसूलने की कवायद जिला सहकारी बैंक ने शुरू कर दी है। समिति खरीदी प्रभारी किसानों से लिंकिंग नगदी वसूली में जुट गए हैं। इसके लिए किसानों को समय पर कर्ज पटाने की समझाइश दे रहे हैं। किसान भी धान बेचने के बाद कम कर्ज पटाने के लिए आगे रहे हैं। मिली जानकारी के मुताबिक बैंक ने बिना ब्याज के किसानों को इस साल 300 करोड़ रुपए से अधिक की राशि कर्ज में दी हुई है। आठ दिनों की खरीदी में बैंक ने किसानों से एक करोड़ 35 लाख रुपए वसूल लिए हैं। जिसमें सबसे अधिक 59 लाख 84 हजार 982 रुपए कांकेर जिले के किसानों से वसूले गए। इसके बाद बस्तर जिले में 38 लाख 11 हजार, बीजापुर में 4 लाख 89 हजार, दंतेवाड़ा में 58 हजार 625, कोंडागांव में 2 लाख 48 हजार और नारायणपुर जिले में 7 लाख 11 हजार 551 रुपए किसानों