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इंटेलीजेंस की सूचना, फिर बड़ी वारदात की तैयारी में नक्सली
नक्सलियों के सामान और खाने-पीने की चीजें मिली हैं
^गगन्नाकी बस्तर में मौजूदगी की खबरें मिल रही हैं। दो दिन पहले ही ऐसी सूचनाओं के आधार में एसटीएफ ने गड़ीपाल के जंगलों में नक्सली कैंप पर दबिश दी थी, जिसकी भनक उन्हें लग गई और वे भाग खड़े हुए। नक्सली वहां अपने साजो-सामान के साथ करीब 60 लोगों का बना हुआ भोजन छोड़ गए थे।\\\'\\\' -आरकेविज, एडीजीपी(ऑपरेशन)
{सेंट्रल मिलिट्री कमीशन के प्रमुख गगन्ना के बस्तर में होने की खबर
{ दरभा, तुलसीडोंगरी और गादीरास के जंगलों में नक्सलियों का जमावड़ा
वीरेन्द्र मिश्र | जगदलपुर
नक्सलीबस्तर में बड़ी वारदात की तैयारी में हैं। इंटेलीजेंस के पास इसकी पुख्ता सूचना है। दरभा, तुलसीडोंगरी और गादीरास के जंगलों में नक्सलियों का जमावड़ा होने की खबर है। इस बार इनके निशाने पर सुरक्षा बलों के नए कैंप हैं। नक्सलियों की सेंट्रल मिलिट्री कमीशन के सेक्रेटरी गगन्ना उर्फ नम्बाला केशव राव, दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के सेक्रेटरी रमन्ना, प्रवक्ता गुडसा उसेंडी ( गुडसा उसेंडी व्यक्ति नहीं डीएसजेडसी प्रवक्ता का पदनाम होता है)और साउथ रिजनल कमेटी के सेक्रेटरी गणेश शेष|पेज11
उइकेकी तुलसीडोंगरी इलाके में मौजूदगी की खबर है।
गगन्ना के साथ आंध्रप्रदेश से सेंट्रल मिलिट्री कमीशन से जुड़े कई लोग भी यहां पहुंचे हैं। गगन्ना नक्सली सुप्रीमो गणपति के बाद दूसरे नंबर का लीडर है। बस्तर में कई वारदातें रमन्ना की अगुवाई में हुई हैं। गणेश उइके जख्मी है। बताया जा रहा है कि कुछ समय पहले किरंदुल की पहाडियों से गुजरते वक्त चट्टानों में उसका पैर फंस गया था, जिससे वो जख्मी हो गया है। वो ही हमले की रणनीति बनाता है।
नए कैंप की रैकी
नक्सली माहभर पहले झीरम में खुले सीआरपीएफ के कैंप और पुसपाल में सीएएफ के कैंप की रैकी कर चुके हैं। कुछ समय पहले पेदावाड़ा के करीब के जंगलों में हुई नक्सलियों की बैठक में नए कैंप पर हमले के की तैयारियों के बारे में चर्चा की गई थी। नक्सलियों ने जनमिलिशिया से नए खुल रहे कैंपों पर नजर रखने को कहा था। नक्सलियों के हाथ पहले से ही यूबीजीएल जैसे घातक हथियार लग चुके हैं, जिससे वे कैंपों पर सीधे हमले की स्थिति में चुके हैं।
मिलिट्री कंपनियों के जिम्मे शीर्ष नक्सली नेताओं की सुरक्षा
शीर्ष नक्सली नेताओं की सुरक्षा के लिए नक्सलियों की कई मिलिट्र