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अनुदान में शासन ने की कटौती, जेब ढीली हो जाएगी अब किसानों की
शासन ने अनुदान में की कटौती, ड्रिप इरीगेशन का लाभ लेने वाले किसानों की जेब होगी ढीली। लक्ष्य पूरा करने की कवायद में जुटा उद्यानिकी विभाग। आठ महीने में 25 फीसदी किसानों को भी नहीं मिला लाभ।
भास्करन्यूज | जगदलपुर
ड्रिपइरीगेशन में किसानों को दिए जाने वाले अनुदान में शासन ने कटौती कर दी है। जिले के कई किसान अब कर्ज लेकर ड्रिप की तैयारी में जुट गए हैं वहीं कई अनुदान में अधिक कटौती हो इसलिए इसका फायदा लेने उद्यानिकी अधिकारियों से संपर्क में जुट गए हैं। प्रोत्साहन के तौर पर संचालित इस योजना को लेकर अब लघु एवं सीमांत किसानों को 60 बड़े किसानों को 40 फीसदी अनुदान मिलेगा। यह स्थिति तब है जब ड्रिप सुविधा को लेकर किसानों की संख्या साल दर साल बढ़ती जा रही है। सब्जी की खेती में फायदा होने के चलते इसका लाभ लेने वालों में बस्तर, बकावंड और जगदलपुर ब्लाक के किसान शामिल हैं। गौरतलब है कि पिछले साल तक शासन द्वारा ड्रिप सुविधा में लघु सीमांत किसानों को 75 बड़े किसानों को 50 फीसदी अनुदान दिया जा रहा था।
टारगेटपूरा करने हो रही मशक्कत : उद्यानिकीविभाग में पिछलेे साल टपक सिंचाई योजना का लाभ 350 हेक्टेयर में देते हुए 225 किसानों को लाभान्वित किया था। इस साल किसानों को उनकी उम्मीद के मुताबिक लाभ नहीं मिल पाया है। इस वित्तीय वर्ष के 8 माह गुजरने के बाद विभाग ने केवल 20 हेक्टेयर में किसानों को लाभ पहुंचाया है। जबकि इस साल विभाग को 100 किसानों को 150 हेक्टेयर में सिंचाई सुविधा देने का लक्ष्य शासन ने दिया है। गौरतलब है कि उद्यानिकी विभाग पिछले साल एक यूनिट की सिंचाई सुविधा देने के नाम पर 97 हजार 560 रुपए कास्ट आने की बात कह रहा है। जो इस साल बढ़कर एक लाख रुपए हो गया है।
बागवानी में भी हुआ नुकसान
ड्रिपके बाद किसानों को बागवानी मिशन में भी किसानों को इस साल नुकसान उठाना पड़ेगा यह बात उद्यानिकी विभाग के तकनीकी सहायक एके दुबे ने कही। उन्होंने बताया कि बागवानी मिशन में पहले किसानों को 40 एचपी तक ट्रैक्टर अनुदान पर दिया जाता था, अब शासन ने इसे घटाकर 20 हार्सपावर कर दिया है। जब इस मामले को लेकर किसानों से चर्चा की गई तो किसानों ने शासन से की जाने वाली कटौती को किसानों के लिए नुकसानदेह बताया। कृषक पप्पू तिवारी, सुखचंद आकाश शर्मा ने बताया ट्रैक्टर के हार्स पावर में कमी से उसकी क्षमता कम होगी