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बस्तर जिले के कई इलाकों में सेंट्रल फोर्स की तैनाती बढ़ेगी
सीआरपीएफ की दो-तीन बटालियन मिल सकती है हैडक्वार्टर में। एडीशनल फोर्स को लेकर चल रही है एक्सरसाइज। दक्षिण-पश्चिम बस्तर के इलाकों में होगी ज्यादा तैनाती।
भास्करन्यूज | जगदलपुर
कुछदिन पहले सुकमा जिला में हुई नक्सली-पुलिस मुठभेड़ में सीआरपीएफ के जवानों की शहादत के बाद कुछ रणनीतिक बदलाव हो रहे हैं। इसी के तहत समूचे बस्तर के सभी जिलों में सेंट्रल फोर्स की संख्या बढ़ाई जा रही है। सभी जिले के एसपी अपने-अपने इलाके की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए एडीशनल फोर्स की मांग तैयार करेंगे।
माना जा रहा है कि संभाग मुख्यालय समेत बस्तर जिले में दो-तीन बटालियन सीआरपीएफ की बढ़ाई जा सकती है। हालांकि एक चीज तो स्पष्ट है कि सेंट्रल फोर्स की ज्यादा बड़ी तैनाती दक्षिण बस्तर के सुकमा, दंतेवाड़ा जिला और पश्चिम में बीजापुर जिले में होगी। हालांकि फोर्स ने सातों जिलों के अंदरूनी, दूर-दराज के इलाकों में नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन चलाए हुए हैं। जरूरत के हिसाब से कहीं-कहीं पर बड़े अभियान चल रहे हैं। इनमें ऐसे इलाके भी हैं जहां आम तौर पर फोर्स की दखल पहले कम थी। जबकि इस बार बरसात में भी मुहिम इन क्षेत्रों में चलती रही। हाल ही में हुई सुकमा इलाके की घटना को छोड़ दें तो फोर्स ने कुछ समय से अपना दबाव बढ़ाया हुआ है। इस बीच सेंट्रल फोर्स की तैनाती को बढ़ा कर नक्सलियों पर दबाव बढ़ाना एक मकसद माना जा रहा है। अगले कुछ दिनों में अतिरिक्त बल बस्तर पहुंचना शुरु हो जाएगा। जिसे अलग-अलग स्थानों पर लगाया जाना है।
सीमावर्ती इलाकों पर फोकस
दूसरेजिलों की तरह बस्तर में भी पिछले कुछ समय फोर्स के नए दो जगह समेत नानगुर के इलाके में नए कैंप खोले गए हैं। इसके अलावा जिले के ज्यादातर थानों में भी एडीशनल फोर्स रखी गई है। पुलिस अधिकारियों का फोकस ओडिशा की सीमा से सटे कुछ इलाकों पर है। कोलेंग का एक पैच और बीजापुर, दंतेवाड़ा जिला के बार्डर से सटे मारडूम इलाके की परिस्थिति की समीक्षा भी लगातार हो रही है। इतना ही नहीं आने वाले समय में एक दो कैंप, थाना खोला जा सकता है। उसमें भी अतिरिक्त फोर्स का इस्तेमाल लिया जा सकता है। एडीशनल फोर्स की तैनाती सड़क निर्माण में भी काफी अहम रहेगी। बस्तर जिला के अलावा संभाग के दूसरे जिलों में कई जगह सड़कों की हालत ठीक नहीं है। पिछले कुछ दिनों से दरभा से टाहकवाड़ा तक काम चल रहा है। उसके अ