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छात्रों में विज्ञान की रुचि जगाएगी महाराष्ट्र की टीम
तीन दिन का लगेगा मेला, बस्तर के 7 जिलों के 280 छात्र लेंगे हिस्सा। 1 दिन सीखेंगे साइंस की बारीकियां, दो दिन खुद करेंगे प्रदर्शन।
भास्करन्यूज | जगदलपुर
विज्ञानविषय में बच्चों की लगातार घट रही रूचि, शोधपत्रों की संख्या में रही गिरावट और इस विषय को कठिन माने जाने की अवधारणा को दूर करने एक नई मशक्कत शुरू हुई है। राज्य माध्यमिक शिक्षा मिशन ने इस दिशा में एक पहल की है। इसके तहत संभाग मुख्यालय में तीन दिवसीय विज्ञान मेला का आयोजन किया जा रहा है। इसमें खास बात यह है कि इसमें कांकेर, नारायणपुर, कोंडागांव, बस्तर, सुकमा, दंतेवाड़ा और बीजापुर सभी जिलों से 40-40 छात्रों को हिस्सा लेना है। नवमी से बारहवीं कक्षा तक में पढ़ने वाले विद्यार्थियों का चयन करके शिक्षक यहां लाएंगे। मेले के पहले दिन सभी बच्चों को प्रबंधक एसोसिएशन फॉर रिसर्च एंड ट्रेनिंग इन बेसिक साइंस एजुकेशन राष्ट्रभाषा नागपुर की 8 सदस्यों की टीम द्वारा बारीकियां समझाई जाएंगी। अगले 15-20 दिन के अंदर यहां मेले का आयोजन होगा। इसमें विद्यार्थियों को सहज ढंग से उपलब्ध होने वाली सामग्री का उपयोग करते हुए 300 से ज्यादा मॉडल तैयार करवाए जाएंगे। छात्रों के दल के साथ उनके 5 शिक्षक भी रहेंगे।
जिला शिक्षा अधिकारी बृजेश कुमार वाजपेई के मुताबिक आरएमएसए की पहल पर मेले का आयोजन किया जा रहा है। सभी जिलों में इसकी सूचना भेजी जा रही है। कार्यक्रम में छात्रों की तय संख्या के साथ शिक्षकों को पहुंचना है।
प्रयोगशाला के बिना भी चल सकता है काम
{ विज्ञान के प्रति व्याप्त डर और स्कूल स्तर से ही इस विषय को लेकर हो रही अरुचि को दूर करना मकसद है मेले का।
{ साइंस को रोचक बनाना, अवधारणाएं समझना, समझाने के लिए विज्ञान शिक्षा को प्रयोग गतिविधि आधारित बनाना। इसके अलावा नए प्रयोग और सरल भाषा को विकसित करना होगा।
{ बहुत कीमती उपकरण, शानदार प्रयोगशाला के बगैर भी काम चल { सकता है। छात्रों और शिक्षकों में नए प्रयोग करने, विकसित करने खुद करके देखने की सोच विकसित करना है।
{ विभिन्न जिलों से आने वाली छात्रों-शिक्षकों की टीम के रूकने और भोजन की व्यवस्था आयोजक जिला को करनी है।
{आने-जाने पर होने वाले यात्रा व्यय को प्रतिभागी जिला द्वारा वहन किया जाएगा।