पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • सरकारी कार्यों मंे हो रहा है अवैध रेत का उपयोग

सरकारी कार्यों मंे हो रहा है अवैध रेत का उपयोग

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
20 सितंबर के बाद मिल सकता है क्लीयरेंस

जिलाखनिज अधिकारी आरसी नेताम ने बताया पर्यावरण क्लीयरेंस के लिए गठित समिति भंग हो चुकी है। नई समिति का गठन 20 िसतंबर तक हो जाएगा। इसके बाद ही रेत खदानों काे क्लीयरेंस मिलने की संभावना है। अवैध तरीके से हो रहे परिवहन भंडारण पर रोक लगाने हरसंभव कोशिश की जाएगी।

50 हजार रूपए की भी नहीं हुई वसूली

पांचमहीने से रेत कारोबारी हर दिन 50 हजार रुपए से अधिक रेत निर्माण स्थलों तक पहुंचा रहे हैं। खनिज विभाग अब तक 50 रूपए की वसूली भी वाहन मालिकों से नहीं कर पाया है। खनिज विभाग से मिली जानकारी के मुताबकि अब तक की वसूली 15-22 हजार रूपए के बीच हुई है। सबसे अधिक वसूली टिप्पर चालकों से की गई है।

भास्कर न्यूज | जगदलपुर

18खदानो के पर्यावरण क्लीयरेंस नहीं मिलने का असर नहीं, जमकर हो रही रेत की अवैध खुदाई। सरकारी कार्यों में भी किया जा रहा उपयाेग। ठेकेदार पुराना भंडारण बता कर बच रहे हैं कार्रवाई से। जानकारी के बाद भी प्रशासन मौन।

बस्तर जिले मे िपछले पांच महीनांे से रेत की एक भी खदान वैध नहीं होेने के बाद भी अवैध रूप से रेत की खुदाई चल रही है। निजी और सरकारी कार्यों में भी इसी रेत का उपयोग किया जा रहा है। खनिज विभाग के अधिकारियों को जानकारी होने के बाद भी इस मामले में चुप्पी साधे हुए हैं। रेत के हो रहे उपयोग और भंडारण के चलते शासन को लाखों रुपए के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है।

नगर निगम के कुछ कर्मचारियों ने बताया कि इस समय शहरी क्षेत्र में निगम द्वारा कई काम करवाए जा रहे हैं। जिसमें रेत की अवैध खपत को वैध करने का काम तकनीकी अधिकारियों के द्वारा किया जा रहा है। इसी तरह ग्राम पंचायतें भी स्कूलों में अतिरिक्त भवन बनवा रही हैं जिसमंे भी अवैध रेत का उपयोग किया जा रहा है।

रेत के अवैध व्यापार में इस समय कृषि उपयोगी वाहनों का ढुलाई के लिए उपयोग किया जा रहा है। कम समय में अधिक कमाने की लालसा के चलते इन वाहनों से कुछ हादसे भी हो चुके हैं। बावजूद इन वाहनों पर नकेल कसना तो दूर आरटीओ और यातायात विभाग इससे पल्ला झाड़ रहे हैं।

खानापूर्ति के नाम पर खनिज विभाग ने कुछ िदनों पहले ट्रैक्टर चालकों पर कार्रवाई कर अपनी मौजूदगी दर्ज करवाई थी।

नगर निगम ईई एचबी शर्मा ने बताया नगर निगम के कार्यों का ठेका लेने वाले ठेकेदार को रायल्टी राशि की रसीदी कलेक