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लोकेशन बदला, नहीं लग सका चाइना का वेदर डाप्लर राडार

6 वर्ष पहले
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कुरंदी में नहीं पसंद आई जगह मौसम विभाग के अफसरों को। बीच शहर में महकमें के दफ्तर में भी नहीं लगा पाया वेदर डाप्लर राडार।

भास्करन्यूज | जगदलपुर

बादलोंके घनत्व, बारिश की स्थिति, हवाओं की दिशा से लेकर मौसम से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी हासिल करने के लिए संभाग मुख्यालय में वेदर डाप्लर, राडार लगाने का फैसला मौसम विभाग ने तीन साल पहले किया था।

चीन के राडार को शहर से सटे कुरंदी इलाके में लगाना तय किया था। काफी मशक्कत के बाद मौसम विभाग को जिला प्रशासन ने वहां करीब डेढ़ एकड़ जमीन मुहैया करवाई थी। इस बीच वहां विभाग के अफसरों ने मौका मुआयना किया और उस जमीन को लेने से इंकार कर दिया सुरक्षा के लिहाज से इस इलाके को ठीक नहीं माना गया। इसके बाद अधिकारियों ने शहर में कुम्हारपारा स्थित मौसम विभाग के दफ्तर परिसर में राडार लगाने का फैसला किया। स्थिति यह है कि इस फैसले पर भी पिछले डेढ़ साल से अमल नहीं हो पाया है।

माना जा रहा है कि यह योजना फिलहाल ठंडे बस्ते में जा रही है। जबकि बस्तर में वेदर डाप्लर राडार को कई अन्य 4 पहलुओं के मद्देनजर भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इलाके के हित से जुड़े इतने अहम प्रोजेक्ट को लेकर मौसम विभाग विभाग के अधिकारी गंभीर नजर नहीं रहे हैं।

तगड़ी तैनाती है फोर्स की बस्तर में

मौसमकी तमाम तरह की जानकारियों के अलावा वेदर डाप्लर राडार यहां लग जाने से पुलिस के बड़े अफसरों को भी अच्छी खासी मदद मिल जाएगी। बस्तर के ज्यादातर हिस्सों में फोर्स ने नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन चलाए हुए हैं। इस बीच एक स्थान से दूसरे तक फोर्स की मूवमेंट लगातार चल रही है। काफी इलाके ऐसे भी हैं जहां जवानों को हेलिकाप्टर से लाया ले जाया जाता है। पिछले दिनों यहां नाइट लैंडिंग का जमकर अभ्यास भी हुआ था। आने वाले समय में दंतेवाड़ा, बीजापुर जिलों में भी हेलीपेड तैयार होने हैं। राडार के माध्यम से मौसम की सटीक जानकारी मिलने से फोर्स की हवाई मूवमेंट और बेहतर सुचारु हो सकेगी। वजह यह है कि आंध्रप्रदेश और ओडिशा में थोड़ी-बहुत हलचल के साथ ही बस्तर का मौसम प्रभावित होता है।

30 मीटर ऊंची बनेगी इमारत

कुम्हारपारामें स्थित मौसम विभाग के कार्यालय परिसर में खाली पड़ी जमीन पर टॉवर टाइप की चार मंजिला इमारत बननी है। 20 मीटर के प्लेटफार्म पर 12 मीटर का डोम बनेगा। डोम के अंदर एंटिना लगता है। इस तरह की इमारत में वेदर डाप्लर राडार काम करेगा। यह राडार चारों ओर करीब तीन सौ किमी की रेंज तक मौसम की सारी जानकारी इकट्ठा करता है। मौसम विज्ञान विभाग के सहायक वैज्ञानिक महीपाल हेमरोम के मुताबिक वेदर डाप्लर राडार लगने में कुछ विलंब हुआ है। हैडआफिस से जैसे निर्देश पहुंचंगे, उसी हिसाब से काम शुरु करवाया जाएगा।