नक्सल क्षेत्रों में कड़ी हवाई निगरानी
नक्सलियोंसे निपटने के लिए जमीन के साथ आकाश में भी किलेबंदी की जा रही है। राज्य ने केंद्र से पैरामिलिट्री की 10 और बटालियन की डिमांड की है। वहीं एयरफोर्स की एमआई-17 वी 5 हेलिकॉप्टर की नई यूनिट नागपुर में स्थापित की जा रही है। यह नक्सलियों के खिलाफ अभियान के दौरान में परिवहन में सहायता प्रदान करेगी।
केंद्र की मंशा अनुरूप नक्सलियों को उनके ही मांद में घुस कर चुनौती देने की दिशा में राज्य सरकार एक साथ कई मोर्चे पर काम कर रही है। इसके लिए ग्रामीणों का विश्वास जीतने के लिए प्रभावित क्षेत्रों में कई कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। वहीं नक्सलियों से निपटने के लिए कारगर रणनीति तैयार की गई है। इसके तहत आकाश से नक्सली गतिविधियों पर नजर रखने के लिए 28 फरवरी से नंदिनी (भिलाई ) बेस कैंप से अनमेन एरियल व्हीकल (यूएवी) उड़ान भरना शुरू कर देगा।
हेलिकॉप्टर की नई यूनिट
इधरएयरफोर्स एमआई-17 वी 5 हेलिकॉप्टर की नई यूनिट नागपुर में स्थापित की जा रही है। यह जगदलपुर में नक्सल विरोधी अभियान में लाजिस्टिक सपोर्ट मुहैया कराएगी। 6 एमआई-17 हेलिकॉप्टर गोरखपुर (यूपी) में तैनात हैं। रायपुर, जगदलपुर से डिमांड आने पर एयरफोर्स ये हेलिकॉप्टर भेजती है।
बटालियन भी जल्द आएंगी
^नंदिनी बेस कैंप से यूएवी नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में 28 फरवरी से मानीटरिंग के लिए उड़ान भरना शुरू कर देगी। फिलहाल दो यूएवी इस्तेमाल में लाए जाएंगे। जरूरत पड़ने पर बेगमपेठ से और भी यूएवी मंगवाए जा सकते हैं। पैरा मिलिट्री की 10 बटालियन की भी केंद्र से मांगी गई है। आरकेविज, एडीजी, नक्सल ऑपरेशन्स
यूएवी हो सकती है गेम चेंजर
नंदिनीबेस कैंप से यूएवी का संचालन गेम चेंजर का काम कर सकता है। नक्सलियों का प्रभाव क्षेत्र 900 से 1000 किमी के दायरे में है। नंदिनी नक्सल प्रभवित क्षेत्र दक्षिण बस्तर, गड़चिरोली (महाराष्ट्र) सहित वेस्टर्न ओडिसा झारखंड से समान दूरी पर है। लिहाजा रणनीति बनाना अब आसान होगा।
यह नंदिनी एयरपोर्ट है। नया रनवे बनकर तैयार है। सामने कंसरटीना वॉल दिख रही है।
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घंटे तक लगातार उड़ान भरने की क्षमता होगी यूएवी में।
यूएवी इजरायल से खरीदने की बात कही जा रही है।
यूएवी फिलहाल राज्य शासन के पास मौजूद है।
करोड़ की लागत से एयरपोर्ट को रिनोवेट किया गया।
नंदिनी एयरपोर्ट में रनवे बनकर तैयार