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हड़ताल जारी रखने पर आमादा

7 वर्ष पहले
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पंजीयन में हो सकती है परेशानी

पटवारीसंघ के अध्यक्ष के अनुसार इस समय सभी सहकारी समितियों में किसानों का पंजीयन चल रहा है। जिसमें रकबा के अनुसार जांच कर इसकी रिपोर्ट समितियों को देनी है। जिसके बाद ही गठित जांच दल पट्टे के अनुसार इसका सत्यापन करेंगे। लेकिन पटवारियों के हड़ताल पर चले जाने से यह काम बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। इसी तरह बस्तर दशहरा में भी पटवारियों की अहम भूमिका होती है। विभिन्न गांव से मांझी मुखिया को लाने समेत अन्य रस्मों के लिए भी पटवारियों को ही जिम्मेदारी सौंपी जाती है। इनकी अनुपस्थिति में इनके लिए अलग से व्यवस्था करनी पड़ेगी।

^पटवारियों को अपने हल्कों में उपस्थिति देने को कहा गया है। हड़ताल की अवधि का निराकरण के लिए उन्हें अलग से आवेदन देने को कहा गया है। अनधिकृत तौर पर अनुपस्थित पटवारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।”

अंकितआनंद, कलेक्टरबस्तर जिला

जगदलपुर|अध्यक्ष कीबहाली के बाद भी पटवारी संघ ने वापस नहीं ली हड़ताल, अपनी मांगों पर अड़े अन्य जिलों से भी समर्थन का दावा।

अभिलेखों में गड़बड़ी के आरोप में पटवारी के निलंबन और इसके तुरंत बाद हड़ताल पर जाने वाले पटवारियों ने बहाली के बाद भी नरम पड़ने के संकेत नहीं दिए हैं। जिला प्रशासन ने एनएमडीसी के एक अधिकारी ईश्वर पाटीदार की शिकायत पर कंगोली के पटवारी को जांच के दौरान भू अभिलेख साफ्टवेयर में प्रविष्ठ नक्शे के साथ छेड़छाड़ करने तथा 22 बिंदुओं के त्रुटिपूर्ण प्रतिवेदन जारी करने के कारण प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर और उनके द्वारा प्रस्तुत उत्तर से संतुष्ट नहीं होने पर उन्हें निलंबित कर दिया गया था। पटवारी टीपी पांडे द्वारा अभ्यावेदन प्रस्तुत करने पर उनके खिलाफ जांच संस्थित की गई है। जांच का दायित्व अपर कलेक्टर आरआर ठाकुर को दिया गया है।

अपर कलेक्टर ने बताया कि पटवारियों के प्रतिनिधिमंडल ने रविवार की दोपहर उनसे मुलाकात की थी, उन्होंने निलंबित पटवारी को बहाल करने का आदेश दे दिया है। प्रतिनिधिमंडल से चर्चा सकारात्मक रही है। जिसके बाद पटवारियों ने अपने सदस्यों से चर्चा कर निर्णय लेने की बात कही।

छत्तीसगढ़ पटवारी संघ के अध्यक्ष तेज प्रकाश पांडे ने बताया कि अपर कलेक्टर से चर्चा के बाद उन्होंने संघ के सदस्यों से इसकी जानकारी दी है। जिसमें सदस्यों का कहना था कि उनकी प्रमुख मांग एसडीए