पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • मंडी में धान के समर्थन मूल्य का पता नहीं

मंडी में धान के समर्थन मूल्य का पता नहीं

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
राज्यशासन ने इस साल धान खरीदी में किसानों को राहत देने के लिए मंडी में भी समर्थन मूल्य पर खरीदी करने की बात कही गई थी। लेकिन बस्तर जिले में यह केवल कागजों में ही अपनी उपस्थिति दर्ज करा सकी है। उपमंडियों में अब भी किसानों से प्रति क्विंटल 1050-1100 रुपए रेट के आधार पर धान खरीदी की जा रही है। लागत अधिक और रेट कम मिलने के चलते किसान शासन की इस नई कवायद को लेकर नाराज हैं।

किसानों का कहना है कि शासन ने उनकी मांग के हिसाब से कर्ज देकर वसूली भी कर रही है लेकिन कम रेट पर धान बेचकर कर्ज कैसे पटाएं इसको लेकर अब तक कोई उपाय सुनिश्चित नहीं किया है। जिसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है। जब इस संबंध में मंडी अधिकारियों से चर्चा की गई तो किसी ने भी इसकी जिम्मेदारी लेने से इंकार करते हुए इसे मंडी कारोबारियों शासन का मामला होने की बात कही। गौरतलब है कि इस साल शासन ने मंडी में 1360-1400 रुपए समर्थन मूल्य का निर्धारण करते हुए मंडी व्यापारियों किसानों के बीच आपसी सहमति के आधार पर धान खरीदने की बात कही है।

500 क्विंटल खरीदा गया धान

जिलेकी कृषि उपज मंडियों में एक दिसंबर से अब तक 500 क्विंटल धान खरीदी हुई है। सबसे अधिक धान बस्तर, बकावंड जगदलपुर की उपमंडियों में खरीदी की बात मंडी अधिकारियों ने कही। यह स्थिति तब है कि जब इस साल किसानों ने धान बोनस और समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी को लेकर एक लाख 14 हजार हेक्टेयर में धान की खेती की थी। लेकिन वे कम रेट मिलने के चलते मंडी में धान बेचने नहीं पहुंच रहे हैं। बस्तर ब्लाक के कई किसानोंं ने बताया कि शासन की किसानों को राहत देने की योजना पर मंडी कारोबारी भारी पड़ रहे हैं। जिसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। किसानों ने बताया कि कम समय में अधिक उत्पादन के लिए उन्होंने हाईब्रिड धान की खेती की थी। जिसका उत्पादन इस साल 20-23 क्विंटल प्रति एकड़ हुआ है।



^मंडी उपमंडियों में धान की अावक शुरू हो गई है। अभी 1050- 1100 रुपए रेट के आधार पर खरीदी हो रही है। समर्थन मूल्य पर भी खरीदी की कवायद शुरू हो गई है।\\\'\\\' जोहनलाल धुर्वे, मंडीइंस्पेक्टर