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बस्तर-बकावंड जनपद में भाजपा ने पूरी ताकत झोंकी

6 वर्ष पहले
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{ भाजपा जुटी बस्तर जनपद पंचायत पर कब्जा जमाने की कवायद में।

{नपं में करारी हार के बाद मंत्री केदार कश्यप स्वयं रणनीति तैयार करने में जुटे।

भास्करन्यूज | जगदलपुर

बस्तरजिले के सातों ब्लाकांे में जनपद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के पद पर कब्जा जमाने के लिए कांग्रेस और भाजपा ने जोर लगा दिया है। इसके लिए शुक्रवार को चुनाव होना है।

बस्तर और बकावंड ब्लाक के लगभग सभी निर्वाचित जनपद सदस्य पिछले पंद्रह दिनों से सैर सपाटे पर गए हुए हैं, जिनके गुरुवार की देर रात या शुक्रवार को लौट आने की संभावना बनी हुई है। दोनों ब्लाकों में भाजपा की ओर से ज्यादातर सदस्यों को अपने कब्जे में रखा गया है, कांग्रेस इस मामले में पीछे रह गई है। अब सदस्यों के लौटने के बाद ही उनके समर्थन की उम्मीद कांग्रेस लगाए बैठी है।

जिले के सात में से चित्रकोट विधानसभा क्षेत्र के तहत आने वाले चारों ब्लाक लोहंडीगुड़ा, दरभा, बास्तानार और तोकापाल में सबसे ज्यादा कांग्रेस समर्थित जनपद सदस्यों ने चुनाव जीते हैं। इनमें से लोहंडीगुड़ा, दरभा और तोकापाल में 13-13 तथा बास्तानार जनपद पंचायत में 10 सदस्यों का चुनाव किया गया है।

आंकड़ों के हिसाब से इन चारों जनपद पंचायतों में इस बार कांग्रेस का अध्यक्ष और उपाध्यक्ष बनना तय माना जा रहा है। शेष तीन ब्लाकोंे में जगदलपुर जनपद पंचायत के 18 सीटों में से 12 पर भाजपा और 6 पर कांग्रेस समर्थित प्रत्याशियों ने विजय पाई है। यहां भारतीय जनता पार्टी का ही अध्यक्ष और उपाध्यक्ष बनना तय माना जा रहा है। जिले के सातों जनपद पंचायतों में कुल 116 जनपद सदस्यों का निर्वाचन हुआ है, जिसमें 66 महिला और 50 पुरुष हैं।

बस्तर में भाजपा अपनी साख बचाने में जुटी

बस्तरजनपद पंचायत के लिए चुने गए जनपद सदस्यों में से कांग्रेस समर्थित 16 और भारतीय जनता पार्टी समर्थित 8 सदस्य शामिल हैं, लेकिन इनमें से लगभग सभी चुनाव परिणाम घोषित होने से पहले ही गायब हो चुके हैं। इस बार प्रदेश सरकार के मंत्री केदार कश्यप के क्षेत्र में भाजपा बुरी तरह पिछड़ गई है और कांग्रेसी यहां ज्यादा संख्या में जीते हैं। जिसके बाद भाजपा के लिए अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का पद हासिल करना प्रतिष्ठा का प्रश्न बना हुआ है और मंत्री स्वयं इस चुनाव की रणनीति तय करने में जुटे हुए हैं। नगरपंचायत चुनाव में मुंह की खाने के बाद भाजपाई हर कदम फूंक-फंूक कर रख रहे हैं। यहां से भाजपा के दिग्गज भी जिला पंचायत का चुनाव हार चुके हैं।

बकावंड में निर्दलीयों की भूमिका अहम

बकावंडब्लाक में जनपद सदस्यों के 25 सीटों के लिए निर्वाचन हुआ था। इसमें से भाजपा समर्थित 11 और कांग्रेस समर्थित 9 प्रत्याशियों ने चुनाव जीते हैं। इसके अलावा 5 निर्दलीय प्रत्याशियों ने भी चुनाव में विजय दर्ज की है। दोनों ही राजनीतिक दल निर्दलियों के अपने समर्थन में होने का दावा कर रही है। कांग्रेस के अनुसार उन्हें निर्दलियों का समर्थन मिला हुआ है। जबकि भाजपा इसे अपनी प्रतिष्ठा का प्रश्न बना चुकी है।