पहले भवन, अब स्टाफ के लिए भी मोहताज हुआ खेल महकमा
शहर के बीचोबीच स्थित सिटी ग्राउंड में पिछले दो साल से खेल विभाग का दफ्तर संवर रहा है। इसके लिए इस साल महकमें ने एक लाख रुपए की राशि पीडब्लूडी को दी थी।
काफी खींचतान के बाद दफ्तर का काम तो हो गया है लेकिन इस सत्र में यह दफ्तर विभाग को नसीब नहीं हो रहा है। संभाग मुख्यालय में खेल अधिकारी अजय त्रिवेदी के अलावा सहायक ग्रेड-2 अशोक राय के भरोसे ही सारी खेल गतिविधियां सीमित हो गई हैं। इसमें भी सबसे बड़ी दिक्कत है कि खेल अधिकारी एक महीने में तीन हफ्ते मुख्यालय से बाहर रहते हैं। एक शाम शहीदों के नाम कार्यक्रम के बाद अभी भी खेल अधिकारी यहां नहीं हैं।
इस तरह एक ही अधिकारी के सहारे काम चलता है। पर्याप्त अमले के बिना नए दफ्तर में शिफ्ट होना एक समस्या बन गई है। जिसके चलते पिछले 24 साल से एसपी ऑफिस परिसर में ही यह ऑफिस अभी रहेगा।
इस पैटर्न पर स्वीकृत किए गए हैं पद
संभाग मुख्यालय में सहायक संचालक के अलावा खेल अधिकारी और एक युवा कल्याण अधिकारी का पद स्वीकृत है। इतना ही नहीं एक युवा कल्याण अधिकारी का पद स्वीकृत है। इसके अलावा एक युवा कल्याण अधिकारी, एक वरिष्ठ खेल प्रशिक्षक एवं सहायक ग्रेड-2 और 3 के दो पद हैं। वहीं डाटा एंट्री ऑपरेटर और चपरासी का पद भी स्वीकृत है। तीन महीने पहले चपरासी के पद से हुई रिटायरमेंट के बाद यह पोस्ट भी खाली पड़ी है।
जिला प्रशासन की नहीं रुचि
बस्तर, सरगुजा जैसे इलाकों में इस तरह की दिक्कतों से निपटने शासन ने कलेक्टरों को कुछ पदों के लिए सीधी भर्ती का अधिकार दे रखा है। जिसमें सहायक ग्रेड-3 चपरासी, डाटा एंट्री ऑपरेटर जैसे पद रहते हैं। बस्तर कलेक्टर चाहें तो इन खाली पदों को नियमानुसार भर सकते हैं जबकि पिछले एक साल में कलेक्टर कार्यालय को खेल विभाग ने खाली पदों की जानकारी भेजी हुई है। बावजूद इसके जिला प्रशासन ने इसमें कोई रुचि नहीं दिखाई है। जइसके चलते यहां पद खाली पड़े हुए हैं। यह भी एक बड़ी वजह है कि सिटी ग्राउंड में नया दफ्तर शुरु नहीं हो पा रहा। एक अधिकारी के भरोसे दफ्तर है। उसके किसी काम से जाने पर वहां ताला जड़ना पड़ेगा। इसके अलावा रात को वहां सूनी जगह में चोरी की भी संभावना बनी रहेगी।
अमले के बिना दिक्कत तो है
सिटी ग्राउंड के आफिस में इंटरनेट की सुविधा अभी नहीं है। अमले के बिना काम में दिक्कत तो होती है। 2012 से नया सेटअप लागू हुआ है। अशोक राय, कार्यालय प्रभारी खेल विभाग