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बस्तर को हिंसा से उबारने सीएम ने जेटली से मांगा चार हजार करोड़

5 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज | रायपुर/नई दिल्ली

राज्य शासन ने चार दशक से नक्सलवाद से जूझ रहे बस्तर को विकास के रास्ते हिंसा से मुक्त करने की एक बड़ी योजना तैयार की है। इसमें आवागमन, लाइवलीहुड, कौशल विकास, सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल सुविधाओं का विकास शामिल है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने मंगलवार को नई दिल्ली में केन्द्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली से हुई मुलाकात में इसके लिए केन्द्रीय बजट में 4 हजार करोड़ रुपये के बस्तर प्लान का प्रावधान करने की मांग की।

आयरन ओर की एक्सपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने पर जोर : मुख्यमंत्री ने कहा कि स्टील उत्पादों के लिए जारी मिनिमम इम्पोर्ट प्राइज (6 माह के लिए) से देश और छत्तीसगढ़ के लिए महत्वपूर्ण स्टील उद्योग को बड़ी सहायता मिलेगी। उन्होंने आयरन ओर पर एक्सपोर्ट ड्यूटी की दर बढ़ाने पर भी जोर दिया जो वर्तमान में मात्र 10 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि माइनिंग उद्योग पर रॉयल्टी का 30 प्रतिशत मिनरल डेवलपमेंट फंड को देने की व्यवस्था से इस उद्योग के इम्पोर्टर्स की प्रतिस्पर्धात्मकता प्रभावित हुई है।



अतः माइनिंग और इसके डाउनस्ट्रीम मैनुफैक्चरिंग उद्योगों द्वारा कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी पर किए खर्च पर आयकर में छूट दी जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय वित्त मंत्री से रायपुर स्थित इनलैंड कन्टेनर डिपो में स्क्रैप मेटल का आयात पुनः जारी करने का भी आग्रह किया है। उन्होंने सहकारी बैंकों को भी शेड्यूल्ड बैंकों के समान एनपीए पर अनुमानित परंतु अप्राप्त ब्याज पर आयकर अधिनियम की धारा 43डी के अन्तर्गत छूट देने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि नाबार्ड के माध्यम से रूरल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड के तहत राज्य सरकारों के सार्वजनिक उपक्रमों को भी ऋण दिया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सर्व शिक्षा अभियान एवं राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत वेतन के लिए मासिक रूप से आबंटन जारी होना चाहिए।

एमओयू : राज्य और रेलवे की कंपनी करेगी रेल का विस्तार
छत्तीसगढ़ में रेल लाइनों के विस्तार के लिए बुधवार को भारतीय रेल के साथ एक ऐतिहासिक समझौता हुआ। इसके तहत नई रेल लाइनों के लिए राज्य और रेल मंत्रालय द्वारा एक संयुक्त उपक्रम बनाया जाएगा। इसमें राज्य सरकार का हिस्सा 51 फीसदी और रेल मंत्रालय का 49 फीसदी होगा। इसके तहत अगले साल तक 760 किमी लंबी तीन महत्वपूर्ण रेल लाइनें बिछाई जाएंगी। वहीं आने वाले 6 सालों में कुल 1200 किमी अतिरिक्त रेल लाइनों का विस्तार होगा जो प्रदेश में रेलवे के इतिहास का रिकार्ड तोड़ देगा।

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