आंबा केंद्रों में बहाली के लिए चक्कर काट रहीं कार्यकर्ता
जिले के 50 से अधिक कार्यकर्ताओं को जिला प्रशासन से बहाली आदेश न मिलने के चलते आंगनबाड़ी केंद्रों पर ताला जड़ रखा है। बीते 25 दिनों से हड़ताल पर रहने के चलते केशकाल बड़ेराजपुर, कोंडागांव, माकड़ी, फरसगांव के लगभग 50 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के जिला प्रशासन ने सेवा से बर्खास्तगी का फरमान सुना दिया था।
प्रभावित कार्यकर्ताओं ने बहाली के लिए बस्तर कमिश्नर दिलीप वासनीकर से गुहार लगाई थी। इस पर कार्यकर्ताओं की तत्काल बहाली के लिए कमिश्नर ने जिला प्रशासन को निर्देशित किया था। सप्ताहभर बीतने के बाद भी जिला प्रशासन कार्यकर्ताओं की बहाली न कर पेशी करवा रहा है। वे आंगनबाड़ी छोड़ कलेक्टोरेट के चक्कर काट रही हैं ।
बर्खास्तगी में कैसा कार्य
विभाग ने बर्खास्तगी आदेश से प्रभावितों को मौखिक रूप से आंगनबाड़ी में कार्य करने कहा है। इस पर कार्यकर्ताओं का कहना है कि बर्खास्तगी अवधि में वे कार्य कैसे ले सकते हैं? इनका आरोप है कि कोंडागांव जिले में जानबूझकर परेशान किया जा रहा है। अगर हमें जल्द ही सेवा में नहीं लिया गया तो मजबूरन एक बार फिर हड़ताल का सहारा लेना पड़ेगा। इधर संभाग के बाकी जिलों में आंगनबाड़ी की सेवाएं नियमित हो गई हैं।
कलेक्टर से करें अपील
बर्खास्त कार्यकर्ताओं को कलेक्टर के पास अपील करने को कहा गया हैं। तब तक उन्हें आंगनवाड़ी में कार्य करने कहा गया है। मुक्तानंद खुटे जिला महिला बाल विकास अधिकारी
कोंडागांव| बर्खास्तगी आदेश से कार्यकर्ता बहाली के लिए चक्कर काट रही हैं।
बहाल करने निर्देशित किया
सभी कार्यकर्ताओं को वापस कार्य पर लौटने कहा गया है। कोंडागांव मेें अगर कुछ समस्या है तो वे जिला पंचायत, कलेक्टर में अपील कर सकते हैं। राहत न मिलने पर कमिश्नर कार्यालय में अपील आने पर निराकरण किया जा सकेगा।अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि आंगनबाड़ी व्यवस्था शीघ्र बहाल करें। दिलीप वासनीकर, कमिश्नर बस्तर