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बस्तर के आदिवासी बच्चे सरकारी खर्च पर पढ़ेंगे प्रतिष्ठित संस्थाओं में
छात्रों की रुचि के अनुसार काउंसलर कोचिंग से लेकर प्रतिष्ठित महाविद्यालयों में प्रवेश की पूरी व्यवस्था भी करेंगे।
भास्करन्यूज | जगदलपुर
बस्तरजिले में कॅरियर काउंसलिंग के माध्यम से इस साल पांच सौ छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रतिष्ठित संस्थाओंे में प्रवेश दिलाया जाएगा। इन संस्थाआंे में प्रवेश के लिए प्रारंभिक तैयारियों के लिए निजी काउंसलर की नियुक्ति की गई है जो सिर्फ कॅरियर काउंसलिंग तक ही सीमित रहकर इन संस्थाओं में प्रवेश दिलाने तक की व्यवस्था करेगा।
जिले भर के विभिन्न स्कूलों के तीन हजार से ज्यादा आदिवासी बच्चों की काउंसलिंग 60 सत्रों में पूरी की जाएगी। इनमें से 5 सौ छात्र-छात्राओं का चयन किया जाएगा। इन छात्रों को उनकी रुचि के अनुसार पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए आवश्यक कोचिंग दी जाएगी। जिसमें मेडिकल, इंजीनियरिंग समेत अन्य पाठ्यक्रमों में प्रवेश दिलाया जाएगा।
संस्था को सभी छात्रों की काउंसलिंग कर संबंधित पाठ्क्रम के लिए फार्म भी भरवाए जाएंगे। इसके लिए आवश्यक फीस की व्यवस्था प्रशासन की ओर से की जाएगी। संबंधित काउंसलर को ही छात्रों के पेनकार्ड बनाने के साथ ही उच्च शिक्षा के लिए बैंकों से ऋण उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।
दो साल पहले भी तत्कालीन कलेक्टर अन्बलगन पी ने कॅरियर काउंसलिंग का आयोजन कर उच्च शिक्षा के अलावा विभिन्न क्षेत्रों में नौकरी के इच्छुक छात्रों को मार्गदर्शन देने की शुरुआत की थी। उस समय भारतीय सेना में चयन के लिए आइएपी मद से विशेष कोचिंग की व्यवस्था की गई थी, जिसके सार्थक परिणाम भी सामने आए थे। इस बार उच्च शिक्षा के लिए बेहतर पाठ्यक्रम में प्रवेश की तैयारी की गई है, जिससे युवा स्वयं ही अपने कॅरियर का निर्माण कर सकेंगे।
कोर्स पूरा होते ही मिलेगी नौकरी
बीएससीनर्सिंग का कोर्स पूरा होते ही इन छात्राओं को सीधे नौकरी मिल जाएगी। क्योंकि बस्तर में बड़ी संख्या में नर्स के पद रिक्त पड़े हैं। लेकिन योग्य अभ्यर्थी के होने से इन पर नियुक्ति नहीं हो पा रही है। पिछले साल भी 138 छात्राओं को प्रदेश भर के 11 नर्सिंग कालेजों में उक्त पाठ्यक्रम में प्रवेश दिलाया गया है।
^निजी क्षेत्र की वेदांता ट्यूटोरियल्स को प्रतिष्ठित संस्थाओं में प्रवेश के लिए पूरी व्यवस्था करने को कहा गया है। इसके अलावा बीएससी नर्सिंग पाठ्यक्रम के लिए भी प्रशासन की ओर से पूरी मदद की जा रही है। जल्दी ही इसके बेहतर परिणाम मिलेंगे।’’ अंकितआनंद, कलेक्टर बस्तर
300 आदिवासी छात्राओं को नर्सिंग के बाद सीधे नौकरी
जिलाप्रशासन द्वारा चलाई जा रही इस योजना के तहत इस साल 300 आदिवासी छात्राओं को प्रदेश भर के नर्सिंग कालेजों में प्रवेश दिलाने की तैयारी की गई है। इन छात्राओं को विशेष कोचिंग दिया जा रहा है। जिसके बाद प्री-नर्सिंग टेस्ट के माध्यम से इन्हें नर्सिंग कालेजों में प्रवेश दिलाया जाएगा। शासकीय नर्सिंग कालेजों में चयनित होने वाले छात्राओं के अलावा अन्य छात्राआें का प्रवेश बीएससी नर्सिंग कोर्स के लिए निजी कॉलेजों में कराया जाएगा। इसके लिए फीस की व्यवस्था भी प्रशासन और बैंक के माध्यम से की जाएगी। नर्सिंग कॉलेजों में प्रतिवर्ष 1 लाख रुपए के हिसाब से कुल 4 लाख रुपए फीस लगना है। योजना के अनुसार 23 हजार 7 सौ रुपए पोस्ट मेट्रिक छात्रवृत्ति के तहत और 27 हजार 300 रुपए के लिए बैंक से ऋण की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा 50 हजार रुपए की राशि आईएपी योजना से उपलब्ध कराई जाएगी।