शिनाख्त के लिए पुलिस का बड़ा अभियान
{पांचवें दिन भी नहीं पहुंची पुलिस घटना स्थल पर अब भी नक्सलियों के शव पड़े होने की खबर रही।
{केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के सहारे चल रही कोशिश मारे गए नक्सली की शिनाख्त के लिए, शहरी नेटवर्क पर भी नजर पुलिस की।
भास्करन्यूज | जगदलपुर
मारडूमइलाके में मुठभेड़ के पांचवें दिन बाद भी पुलिस दोबारा वहां नहीं पहुंच सकी है। इधर कुछ ग्रामीणों द्वारा लगातार उस इलाके में मारे गए नक्सलियों के शव होने की जानकारी दी जा रही है। लेकिन पुलिस एहतियात बरतते किसी भी तरह का अनावश्यक जोखिम लेने के मूड में नहीं है।
इधर मुठभेड़ के दौरान मारे गए दाढ़ी वाले नक्सली की शिनाख्त के लिए बड़े पैमाने पर कोशिश की जा रही है। पुलिस ने इसके निवास स्थान का पता डीएनए के आधार पर लगाने की कोशिश शुरु की है। इसके अलावा नक्सलियों के उन तमाम दस्तावेजों को भी खंगाला जा रहा है जिससे मारे गए नक्सली के बारे में कुछ क्लू मिल सके। पुलिस ने इस नक्सली का हुलिया और फोटोग्राफ आंध्रप्रदेश समेत केंद्रीय एजेंसियों को भी भिजवाया है, जिससे यह पता लगाया जा सके कि बस्तर आने से पहले इसे किस इलाके में देखा गया था।
कुछ महीने पहले आए नक्सलियों के दस्तावेजों में आंध्रप्रदेश में बन रहे पोलावरम बांध के विरोध के लिए कश्मीर और पूर्वोत्तर इलाके में समान विचारधारा वालों से मदद लेने का जिक्र है। करीब चार महीने पहले के इस पत्र के आधार पर पुलिस यह तस्दीक करने में जुटी हुई है कि कहीं इन तत्वों से नक्सलियों की घनिष्ठता तो नहीं हो गई है। हालांकि दोनों के विचारधाराओं में जमीन आसमान का अंतर है, इसके बावजूद लगातार बढ़ते सुरक्षा बलों के दबाव और आत्मसमर्पण करने वालों की संख्या में बढ़ोतरी के बाद नक्सलियों द्वारा अपने अस्तित्व की रक्षा के लिए किसी भी तरह के समझौते से इंकार नहीं किया जा सकता।
इसके अलावा पुलिस नक्सलियों के शहरी नेटवर्क के जरिये भी इस बात की संभावना तलाश रही है कि कहीं मारे गए नक्सली के लिंक उत्तर प्रदेश से तो नहीं हैं। पिछले कुछ समय से शहर में बड़ी संख्या में उत्तर प्रदेश से युवक यहां पहुंचे हैं जो कई तरह के रोजगार में लगे हुए हैं, लेकिन अचानक इनकी संख्या बढ़ने को लेकर पुलिस भी सतर्क हो गई है। पुलिस उन लोगों की जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है जो तेलंगाना इलाके से हाल ही में नक्सली संगठन से जुड़े हैं। इनमें से कई युवाओं