शिक्षा हासिल करें, फिर अधिकार कोई नहीं छीन पाएगा : शिशुपाल
ग्राम फरसरा में आदिवासी धुव्र गोंड़ समाज का वार्षिक सम्मेलन हुआ। इसमें अखिल भारतीय गोंडवाना समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिशुपाल सोरी ने कहा कि आदिवासी समाज को विकास के लिए सबसे ज्यादा शिक्षा पर ध्यान देने की जरूरत हैं। समाज के बच्चे अच्छी व बेहतर शिक्षा हासिल करेंगे तो उनके अधिकारों को कोई छिन सकता।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथियों में पूर्व सांसद कांकेर सोहन पोटाई, अखिल भारतीय गोंड समाज रायपुर के जिलाध्यक्ष जनक ध्रुव, आदिवासी विकास परिषद के प्रदेश अध्यक्ष विनोद नागवंशी, कोसिंग नेताम, सोनसाय धुव्र, विजय मण्डावी, नयनसिंग ध्रुव विशेष रूप से उपस्थित थे।
वार्षिक अधिवेशन व कार्यक्रम का शुभारंभ बूढ़ादेव की पूजा अर्चना कर किया गया। सम्मेलन को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय गोंडवाना समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष सोरी ने आगे कहा आदिवासी समाज का इतिहास काफी गौरवशाली हैं समाज हित में हम सभी को कार्य करने की जरूरत हैं।
मैनपुर. ग्राम फरसरा में सम्मेलन से पहले पूजा करते अतिथि।
समाज हित की चर्चा देर रात तक चली
इस दौरान समाज के हित में चर्चा परिचर्चा चलती रही। सम्मेलन देर रात तक जारी रहा। कार्यक्रम का संचालन वीरेंद्र कुमार नेताम ने किया। कार्यक्रम में मेघनाथ मरकाम, गुपतराम मरकाम, नेटराम ध्रुव, लम्बूधर पोटी, पदुलोचन मरकाम, दामोधर सोरी, डोमूराम सोरी, तुलाराम मरकाम, नोकेलाल ध्रुव, रामकृष्ण ध्रुव, फणीन्द्र ठाकुर, लखन ध्रुव, जगबंधू सोरी, वरूण सोरी, एतवारूराम, मोहित कुमार, रामसिंग, मुन्ना ध्रुव, गुरूवारूराम, जहानवी ध्रुव, धनबाई, मालती ओटी, गणेशराम, पिताम्बरसिंह, लक्ष्मीप्रसाद, तोरण सिंग, जगमोहन, बिन्दाबाई, पांचोबाई, सहित उडिसा जिला के नवरंगपुर, नुवापाडा, कालाहण्डी से भी लोग काफी संख्या में उपस्थित थे। इससे पहले कलश यात्रा निकाली गई और शुरुआत में सामाजिक आय व्यय लेखा जोखा प्रस्तुत किया गया।
नशे सहित अन्य बुराइयों से दूर रहेंगे तो ही समाज और खुद का विकास होगा : ध्रुव
अखिल भारतीय गोंड समाज रायपुर के जिलाध्यक्ष ध्रुव ने कहा आज प्रदेश में आदिवासियों को अपने अधिकारों के लिए अब सामने आने की जरूरत हैं। समाज में एकता स्थापित करने पुरानी रूढ़िवादी विचारों को त्यागने की जरूरत हैं। कोई भी समाज तब तरक्की करता हैं जब वे नशापान व शराब जैसे बुराइयों से दूर रहता हैं। हमें भी इन बुराइयों से दूर रहने की जरूरत हैं। इस दौरान आदिवासी विकास परिषद प्रदेश अध्यक्ष विनोद नागवंशी ने कहा जंगल हमारी संस्कृति से जुड़ा हुआ हैं। क्षेत्र में हीरा अलेक्जेंडर की खदानें हैं जिसका शासकीय तौर पर दोहन कर इस क्षेत्र के विकास में उस पैसे का उपयोग किया जाना जरूरी हैं। कार्यक्रम को समाज के कई प्रमुखों व सामाजिक नेताओं ने संबोधित करते एकजुटता पर जोर दिया।
माइंस तो कभी टाइगर रिजर्व के नाम आदिवासियों पर ज्यादती : पोटाई
इस मौके पर पूर्व सांसद पोटाई ने कहा कि सम्मेलन में उपस्थित भीड़ समाज की जागरूकता व एकता को बताने के लिए काफी हैं। आदिवासी समाज के कारण आज क्षेत्र व प्रदेश में जंगल व वन्य प्राणी सुरक्षित हैं लेकिन आदिवासी समाज को कभी माइंस के नाम पर तो कभी टाइगर रिजर्व के नाम पर हटाने का प्रयास किया जा रहा हैं। जो जंगल व वन्य प्राणी का सुरक्षा कर रहा हैं उन्हें जंगल क्षेत्र से हटाने का कथित प्रयास किया जा रहा हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आदिवासी समाज के अधिकारों का आज हनन करने का प्रयास किया जा रहा हैं। षडयंत्र के साथ बस्तर में हमारे समाज के महिलाओं के ऊपर अत्याचार किया जा रहा हैं।